अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर के प्रशासन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नियुक्त किया है। यह नियुक्ति मंदिर के प्रशासन और संचालन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं और पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी मोर्चे पर उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी।
ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी पश्चिमी वायु कमान
जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे। 2025 में हुए इस सैन्य अभियान के दौरान पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जिम्मेदारियों में उनकी कमान की अहम भूमिका रही। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य नेतृत्व से जुड़े अधिकारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया था। उपलब्ध रिकॉर्ड में मिश्रा का नाम ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े वरिष्ठ वायुसेना नेतृत्व के साथ दर्ज है।
5585 आवेदनों के बाद हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया शुरू की थी। इस पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को अलग-अलग चरणों में शॉर्टलिस्ट किया गया। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन बातचीत के बाद उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाकर आमने-सामने इंटरव्यू भी किए गए। इसके बाद सर्च कमेटी ने अंतिम नामों का पैनल तैयार किया और ट्रस्ट के सामने रखा।
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तैयार किया था पैनल
CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व, अनुभव, प्रबंधन कौशल और विजन समेत कई पहलुओं का मूल्यांकन किया। 1 सितंबर को सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया था। इसके बाद 2 सितंबर को अयोध्या में ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जिसमें CEO समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा हुई।
मंदिर के प्रबंधन को मिलेगा पेशेवर नेतृत्व
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर परिसर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को देखते हुए पूर्णकालिक CEO की जरूरत महसूस की जा रही थी। CEO के सामने मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सुरक्षा और व्यवस्था, विभिन्न समितियों के बीच समन्वय तथा ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
सैन्य अनुभव से प्रशासन को मिलेगा फायदा
जितेंद्र मिश्रा के पास भारतीय वायुसेना में लंबे समय का ऑपरेशनल और कमांड अनुभव है। पश्चिमी वायु कमान जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके मिश्रा से राम मंदिर के प्रशासन में भी अनुशासन, प्रबंधन और बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मंदिर निर्माण के साथ अब उसके दीर्घकालीन संचालन और प्रशासन को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
CEO नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में कई बड़े फैसले
2 सितंबर की बैठक केवल CEO के चयन तक सीमित नहीं रही। ट्रस्ट की संरचना और अलग-अलग समितियों के पुनर्गठन समेत कई प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट में खाली पदों को भरने और भविष्य के कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में भी फैसले लिए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ अब मंदिर प्रशासन में एक नए पेशेवर दौर की शुरुआत मानी जा रही है।



