Ram Mandir Donation Row : अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को स्थानीय अदालत के आदेश पर बुधवार को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से चोरी की रकम, अन्य सामान और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग सामने आ सकते हैं।

एसआईटी करेगी आरोपियों से गहन पूछताछ
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच कर रहे अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बुधवार सुबह करीब सात बजे जिला जेल पहुंचकर आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में लिया। विशेष अदालत (भ्रष्टाचार निवारण) के आदेश के तहत रिमांड की अवधि बुधवार सुबह सात बजे से शुरू हुई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मिले नए साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी। साथ ही, उनकी निशानदेही पर उन स्थानों की भी तलाशी ली जा सकती है, जहां चोरी की गई नकदी या अन्य सामान छिपाए जाने की आशंका है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
40 दिनों में 70 संदिग्ध चोरी घटनाएं
अभियोजन पक्ष ने अदालत से पुलिस रिमांड की मांग यह कहते हुए की थी कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई नए तथ्य और सबूत सामने आए हैं। इन जानकारियों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ आवश्यक है। इससे पहले एसआईटी ने मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है। शुरुआती जांच में पिछले 40 दिनों के दौरान चोरी की लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं की पहचान की गई है।
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, जानें एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी



