Ram Mandir Donation Row : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इसी विषय से जुड़ा मामला पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने CBI जांच की मांग ठुकराई
यह याचिका मोहित अशोक की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता (एएजी) विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) शैलेंद्र सिंह ने अदालत में पक्ष रखा।

सरकार ने अदालत को बताया कि इसी मुद्दे से संबंधित याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में समान विषय पर हाईकोर्ट में सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होगी। सरकार की इस दलील पर विचार करने के बाद जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी। उधर, इस घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी होने जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक और प्रशासनिक मामलों पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। खासतौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर चर्चा तेज है।
महंत नृत्यगोपाल दास ने कार्रवाई के संकेत दिए
बैठक से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका इस मामले में गलत पाई जाती है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी पाप या अनियमितता से जुड़ा होगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को औपचारिक मंजूरी दिए जाने की भी संभावना है। यदि ऐसा होता है तो दोनों की ट्रस्ट से आधिकारिक विदाई तय मानी जाएगी।



