जयपुर। राजस्थान की भाषा और संस्कृति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान विश्वविद्यालय में अब राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग खोला जाएगा। कुलगुरु ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। विश्वविद्यालय में अगले शैक्षणिक सत्र से विभाग शुरू करने की तैयारी है। इस घोषणा के बाद राजस्थानी भाषा को उच्च शिक्षा में स्थान दिलाने की मांग कर रहे विद्यार्थियों और भाषा समर्थकों में खुशी है।
14 दिन के आमरण अनशन के बाद मिली सफलता
राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग खोलने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने अपने साथियों के साथ इस मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान शुभम रेवाड़ 14 दिनों तक आमरण अनशन पर भी बैठे रहे। आंदोलनकारियों की मांग थी कि राजस्थान की भाषा को विश्वविद्यालय में स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि विद्यार्थी राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति का नियमित अध्ययन कर सकें।
शुभम रेवाड़ बोले, आम छात्रों की बड़ी जीत
कुलगुरु की घोषणा के बाद छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने इसे आम विद्यार्थियों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि विभाग शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह राजस्थान की भाषाई पहचान और साहित्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।



