Wednesday, October 14, 2026
HomeLatest Newsराजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पर लगेगी रोक? कॉलेजों में चुनाव के नाम...

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पर लगेगी रोक? कॉलेजों में चुनाव के नाम पर फीस वसूली बंद, नए आदेश से बढ़ी हलचल

राजस्थान में सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव मद में फीस वसूली बंद करने का आदेश जारी हुआ है। पुरानी राशि छात्रहित के कामों पर खर्च होगी। क्या छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगेगी? जानिए पूरा मामला।

जयपुर। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बार फिर सियासी और छात्र राजनीति से जुड़ी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के छात्र संगठन लगातार चुनाव कराने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन इसी बीच कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के एक आदेश ने नई बहस छेड़ दी है। सरकारी कॉलेजों में अब छात्रसंघ चुनाव मद में विद्यार्थियों से फीस नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या राज्य में छात्रसंघ चुनाव कराने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है? हालांकि, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के आदेश में छात्रसंघ चुनावों पर पूरी तरह रोक लगाने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। सरकार की ओर से भी चुनाव बंद करने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल चुनावों पर प्रतिबंध की चर्चा को आशंका के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

छात्रसंघ चुनाव के नाम पर अब नहीं ली जाएगी फीस

कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के अतिरिक्त आयुक्त कैलाश चंद यादव की ओर से सरकारी कॉलेजों को जारी आदेश में छात्रसंघ चुनाव मद में फीस वसूली बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक इस मद में विद्यार्थियों से जो राशि एकत्र की जा चुकी है, उसे छात्रहित से जुड़े दूसरे कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। आदेश के अनुसार, इस राशि का उपयोग परीक्षाओं के आयोजन, रीडिंग रूम की व्यवस्था, लाइब्रेरी के संचालन, किताबों की खरीद और बाइंडिंग जैसे कामों में किया जा सकेगा। इसके अलावा अखबारों, पत्रिकाओं की खरीद और खेल गतिविधियों के आयोजन पर भी राशि खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुरानी राशि का इस्तेमाल छात्रहित के कामों में होगा

आयुक्तालय ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि छात्रसंघ चुनाव मद में पहले से एकत्र की गई राशि को दूसरे निर्धारित छात्रहित कार्यों में लगाया जाए। इससे कॉलेजों में शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च करने का रास्ता खुलेगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि भविष्य में छात्रसंघ मद के बजाय विद्यार्थी निधि के अन्य निर्धारित मदों में फीस ली जाए। संबंधित राशि का इस्तेमाल उन्हीं मदों में किया जाना चाहिए, जिनके लिए उसे एकत्र किया गया है।

क्या राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे?

इस आदेश के सामने आने के बाद छात्र राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है? चुनाव के लिए अलग से फीस वसूली बंद होने के कारण छात्र संगठनों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, केवल फीस वसूली बंद करने के आदेश के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि छात्रसंघ चुनाव पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। आदेश में चुनावों पर प्रतिबंध लगाने की बात स्पष्ट रूप से नहीं कही गई है। चुनावों को लेकर सरकार की अंतिम नीति और आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

छात्र संगठनों की मांग के बीच आया आदेश

प्रदेश में छात्र संगठन लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग उठाते रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर देते हैं। ऐसे में चुनाव से संबंधित व्यवस्था में बदलाव को छात्र राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और कॉलेज शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है। क्या छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोई अलग दिशा-निर्देश जारी होंगे या चुनाव कराने की प्रक्रिया पर निर्णय बाद में लिया जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल चुनाव पर रोक की आधिकारिक घोषणा नहीं

कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के आदेश से छात्रसंघ चुनाव मद में फीस वसूली बंद करने और पहले से एकत्र राशि को छात्रहित के कामों में खर्च करने की बात सामने आई है। लेकिन राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बंद होने जा रहे हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद ही चुनावों के भविष्य को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image