Wednesday, October 14, 2026
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30 गार्ड होने के बावजूद पूर्व विधायक को छोड़कर भागे सुरक्षाकर्मी, अतर सिंह भड़ाना को थी हत्या की आशंका

भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में 30 सिक्योरिटी गार्ड, कथित सीक्रेट मीटिंग और दो कारतूस के खोल को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और CCTV फुटेज का इंतजार है।

जयपुर। राजस्थान के भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में अब उनकी सुरक्षा में तैनात 30 गार्ड, हमले से पहले गांव में कथित सीक्रेट मीटिंग और घटनास्थल से मिले कारतूस के खोल को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, पूर्व विधायक की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में ग्रामीणों पर हमला, फायरिंग और मकान में आग लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, रविवार 11 अक्टूबर की शाम पूर्व विधायक की लीज पर हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि भड़ाना को पहले से अपनी हत्या की आशंका थी, जिसके चलते उन्होंने कुछ दिन पहले ही करीब 30 सिक्योरिटी गार्ड रखे थे। हालांकि, हमले के दौरान ये गार्ड उन्हें बचाने के बजाय मौके से निकल गए। सुरक्षाकर्मियों के इस व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

30 गार्ड होने के बावजूद पूर्व विधायक को क्यों नहीं बचा पाए?

बताया जा रहा है कि अतर सिंह भड़ाना की लीज पर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए युवकों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे कुछ दिन पहले से वहां आने लगे थे। इससे पहले हुए विवाद के दौरान भी वे पूर्व विधायक के साथ मौजूद थे। उनके पास लाठी और सरिए जैसे हथियार होने की बात भी सामने आई है। सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, रविवार शाम अचानक बड़ी संख्या में लोग कार्यालय और घर में घुस आए। आरोप है कि भीड़ के पास हथियार थे और पत्थरों से भी हमला किया गया। स्थिति बिगड़ने पर गार्ड वहां से निकल गए। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमला शुरू होने के दौरान सुरक्षा में तैनात लोगों ने क्या कदम उठाए और वे पूर्व विधायक को बचाने में सफल क्यों नहीं हुए।

गांव में सीक्रेट मीटिंग का दावा, हत्या की साजिश की जांच

इस हत्याकांड में एक नया दावा यह सामने आया है कि घटना से पहले गांव में कथित तौर पर एक गुप्त बैठक हुई थी। कुछ ग्रामीणों के मुताबिक, इस बैठक में करीब 20 लोग मौजूद थे। दावा किया जा रहा है कि बैठक के दौरान भड़ाना को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं और उनकी हत्या की आशंका से जुड़ी चर्चा हुई थी। बताया जा रहा है कि लीज से निकलने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों और पूर्व विधायक के बीच विवाद बढ़ गया था। ग्रामीणों के डंपर और ट्रैक्टरों की आवाजाही को लेकर भी नाराजगी की बात सामने आई है। हालांकि, गांव में ऐसी बैठक होने या उसमें हत्या की साजिश रचे जाने की पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस दावे की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

CCTV फुटेज से खुलेगा हमले का राज

पुलिस को अब पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना से सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर मिलने का इंतजार है। घटनास्थल पर 15 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का मानना है कि फुटेज से हमले के दौरान हुई घटनाओं और फायरिंग से जुड़े तथ्यों को समझने में मदद मिल सकती है। डीवीआर मिलने के बाद यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटनास्थल पर किस तरह की हिंसा हुई और गोली किस पक्ष की ओर से चलाई गई। पुलिस इस संबंध में पूर्व विधायक के परिवार के संपर्क में है।

पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया

भरतपुर पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों की ओर से 35 से 40 लोगों के नाम बताए जाने की जानकारी सामने आई है। ये लोग भौंडा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पूर्व विधायक की पत्नी की ओर से दर्ज एफआईआर में 64 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि दो अज्ञात लोगों का भी उल्लेख है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

पत्नी ने एफआईआर में लगाए गंभीर आरोप

पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन ग्रामीणों ने हमला किया और फायरिंग की। उनके अनुसार, अतर सिंह भड़ाना के सिर के दाहिनी तरफ हथियार से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कमलेश के मुताबिक, गगन, पूरन सिंह और प्रदीप उन्हें बचाने के लिए आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान गगन और प्रदीप घायल हो गए। एफआईआर में यह आरोप भी लगाया गया है कि हमलावरों ने उन्हें और अन्य कर्मचारियों को जिंदा जलाने के इरादे से मकान में आग लगा दी। इन आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

मौके से मिले दो कारतूस के खोल, फायरिंग किसने की?

घटनास्थल से पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को दो कारतूस के खोल मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये खोल देसी पिस्टल के हो सकते हैं। हालांकि, फायरिंग किसने की और किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पूर्व विधायक की पत्नी ने एफआईआर में ग्रामीणों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गोलीबारी हमले के दौरान हुई या किसी पक्ष ने बचाव में हवाई फायरिंग की थी।

पुलिस जांच पर टिकी नजरें

अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में अब सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर, कारतूस के खोल, गिरफ्तार आरोपियों के बयान और सुरक्षा में तैनात गार्डों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कथित सीक्रेट मीटिंग और हत्या की आशंका से जुड़े दावों की भी पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला कैसे हुआ, फायरिंग किसने की और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका थी।

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