जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण का मतदान शुरू हो गया है। प्रदेश के 27 जिलों में आज सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान प्रक्रिया जारी रहेगी। इस चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 2,496 वार्डों में प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे। चुनाव को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। तीसरे चरण में प्रदेश के 1 करोड़ 6 लाख 81 हजार 567 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनावी मैदान में जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 9,094 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेशभर में 11,869 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
27 जिला परिषदों के 377 वार्डों में मतदान
तीसरे चरण के चुनाव में प्रदेश की 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों में मतदान हो रहा है। इसके अलावा 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में भी वोट डाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में सबसे ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। वहीं दौसा और हनुमानगढ़ जिले में जिला परिषद के सबसे ज्यादा 24-24 वार्डों में चुनाव हो रहा है। ऐसे में तीसरे चरण का मतदान कई जिलों के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CM भजनलाल शर्मा ने की मतदान की अपील
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के मतदान को लेकर प्रदेशवासियों से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मत सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है। पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्रामीण स्वशासन को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने का आग्रह किया। साथ ही पहली बार मतदान करने जा रहे युवा मतदाताओं से विशेष रूप से अपील की कि वे पूरे उत्साह, जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ मतदान करें। सीएम ने युवाओं से अपने परिवारजनों और परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
1.06 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं पर रहेगी नजर
राजस्थान पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में 1 करोड़ 6 लाख से अधिक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। 27 जिलों में हो रहे इस मतदान के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति के हजारों प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य तय होगा। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।



