जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों के 85 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस दौरान जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्डों के लिए वोटिंग होगी। पहले चरण में कुल 104 पंचायत समितियों के सदस्य चुनने के लिए मतदान कराया जाएगा।
सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी वोटिंग
पहले चरण के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश में 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।
जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में?
पहले चरण के चुनाव में जिला परिषद सदस्य के 293 पदों के लिए 1,693 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वहीं, पंचायत समिति सदस्य के 1,788 पदों के लिए 5,233 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन चुनावों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन की नई तस्वीर सामने आएगी।
बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला
राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। वहीं, आदिवासी बहुल इलाकों में भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP), जबकि कई क्षेत्रों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकते हैं।
16 जिलों के मतदाताओं की भूमिका अहम
पहले चरण में 85 लाख से अधिक मतदाताओं की भागीदारी चुनावी नतीजों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों में होने वाले मतदान से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का चयन होगा। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर रहेंगी।



