कोटा। राजस्थान के पंचायत चुनाव में कोटा जिले की कुंदनपुर ग्राम पंचायत भी चर्चा में है। यहां दिवंगत पूर्व मंत्री भरत सिंह के छोटे बेटे गंगा सिंह सरपंच पद के चुनाव मैदान में हैं। उनके चुनाव लड़ने से परिवार की राजनीतिक विरासत एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। हालांकि, इस चुनाव में उनकी पारिवारिक पहचान के साथ गांव के स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की अपेक्षाएं भी अहम रहेंगी।
48 वर्षीय गंगा सिंह ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी कई पीढ़ियां राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनके दादा झुंझार सिंह मंत्री, सांसद और विधायक रह चुके हैं, जबकि पिता भरत सिंह ने राजस्थान सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। अब गंगा सिंह पंचायत स्तर पर अपनी भूमिका बनाने के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं।
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दादा सांसद और पिता रह चुके हैं मंत्री
गंगा सिंह के दादा झुंझार सिंह ने सांसद, विधायक और मंत्री के तौर पर काम किया। वहीं, उनके पिता भरत सिंह राजस्थान की राजनीति में अपनी बेबाकी और सादगी के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पद संभालने के साथ पंच और सरपंच के रूप में भी काम किया था।
भरत सिंह का राजनीतिक सफर केवल विधानसभा और सरकार तक सीमित नहीं रहा। गांव की राजनीति से उनका जुड़ाव भी रहा। ऐसे में उनके बेटे गंगा सिंह के सरपंच चुनाव में उतरने से परिवार की तीसरी पीढ़ी की ग्रामीण राजनीति में भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
एमएफए तक पढ़ाई, खेती-किसानी से जुड़े हैं गंगा सिंह
गंगा सिंह की उम्र 48 वर्ष है और उन्होंने मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (एमएफए) तक शिक्षा प्राप्त की है। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने के बावजूद वह खेती-किसानी का काम संभालते हैं।
कुंदनपुर ग्राम पंचायत के चुनाव में उनकी उम्मीदवारी के साथ यह सवाल भी जुड़ा है कि पारिवारिक राजनीतिक पहचान ग्रामीण स्तर पर कितनी अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, चुनाव का अंतिम फैसला मतदाताओं को करना है और स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीदवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
पांच गांवों के 2400 से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
कुंदनपुर ग्राम पंचायत में कुंदनपुर के अलावा कुराड़िया कलां, कागनिया, सूंडकिया और बायड़ा गांव शामिल हैं। पंचायत में 2,400 से अधिक मतदाता हैं। इस वजह से चुनाव केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पांच गांवों के मतदाता पंचायत के नेतृत्व का फैसला करेंगे।
इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं, विकास कार्य और स्थानीय जरूरतें चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना नए सरपंच के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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राजनीतिक विरासत के साथ जनता के भरोसे की चुनौती
गंगा सिंह का चुनाव लड़ना भरत सिंह परिवार की राजनीतिक विरासत को फिर चर्चा में लाया है। उनके दादा और पिता की राजनीति में लंबी भूमिका रही है, लेकिन पंचायत चुनाव में उनकी अपनी दावेदारी और मतदाताओं का समर्थन अहम होगा।
अब सभी की नजर कुंदनपुर ग्राम पंचायत के चुनाव परिणाम पर है। क्या गंगा सिंह अपने परिवार की राजनीतिक पहचान को गांव के स्तर पर नई भूमिका में बदल पाएंगे, इसका जवाब मतदाताओं के फैसले से सामने आएगा।



