जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। ओबीसी (राजनीतिक) आयोग बुधवार को अपनी बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपने जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में पंचायतों और नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए राजनीतिक आरक्षण का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद राज्य सरकार चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
17 दिन के सर्वे के आधार पर तैयार हुई रिपोर्ट
ओबीसी (राजनीतिक) आयोग ने 10 जुलाई से पूरे राजस्थान में विशेष सर्वे अभियान चलाया था। यह सर्वे सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित ‘राजधारा सर्वे मोबाइल एप’ के माध्यम से किया गया। करीब 17 दिनों तक चले इस अभियान में प्रदेशभर के ओबीसी परिवारों से विस्तृत जानकारी एकत्र की गई।
सूत्रों के अनुसार, सर्वे के आधार पर राजस्थान में ओबीसी वर्ग की आबादी लगभग 3.63 करोड़ आंकी गई है। इसी आंकड़े के आधार पर आयोग ने पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट तैयार की है। वर्तमान में रिपोर्ट की अंतिम औपचारिकताएं पूरी कर उसे सरकार को सौंपने की तैयारी की गई है।
यह खबर भी पढ़ें:-राजस्थान में सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, 2,101 करोड़ रुपये से 3,232 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप हुआ सर्वे
राजनीतिक आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानकों का पालन करते हुए आयोग ने यह सर्वे कराया है। आयोग का गठन पिछले वर्ष 9 मई को सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश मदन लाल भाटी की अध्यक्षता में किया गया था। आयोग में मोहन मोरवाल, प्रो. राजीव सक्सेना, एडवोकेट गोपाल कृष्ण और पवन मंडाविया को सदस्य बनाया गया था। सरकार का मानना है कि आयोग की रिपोर्ट भविष्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण का आधार बनेगी।
वार्ड आरक्षण के लिए जल्द निकलेगी लॉटरी
रिपोर्ट मिलने के साथ ही पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला स्तर पर वार्डों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया कराई जाएगी। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों का निर्धारण किया जाएगा।
स्वायत्त शासन विभाग ने राज्य के सभी जिला कलक्टरों को इस प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए अधिकृत करते हुए अधिसूचना भी जारी कर दी है। राजस्थान की 309 नगरीय निकायों में इसी प्रक्रिया के आधार पर वार्ड आरक्षण तय होगा।
यह खबर भी पढ़ें:-‘अब BJP की तानाशाही नहीं चलेगी’, उपचुनाव नतीजों के बाद टीकाराम जूली का बड़ा हमला
15 अगस्त के बाद चुनाव कार्यक्रम की उम्मीद
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने की सिफारिश भेजेंगे। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट में दी गई अंडरटेकिंग के अनुरूप 15 अगस्त के आसपास चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है।
सरकार की योजना के अनुसार पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच कराए जा सकते हैं। ऐसे में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को प्रदेश की चुनावी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। सरकार के अगले फैसले पर अब सभी राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई हैं।



