Thursday, September 3, 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव में बवाल: नाथद्वारा में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े, बाड़मेर में RLP प्रत्याशी से जबरन ले जाने का आरोप!

राजस्थान के निकाय चुनाव में नाम वापसी के आखिरी दिन कई जगह विवाद सामने आए। नाथद्वारा नगर पालिका के वार्ड 23 में BJP और कांग्रेस समर्थकों के बीच भिड़ंत की खबर है। वहीं बाड़मेर में RLP प्रत्याशी को कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश, कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 के बीच नाम वापसी के आखिरी दिन कई जगह राजनीतिक विवाद सामने आए। राजसमंद के नाथद्वारा नगर पालिका में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत की जानकारी सामने आई है। वहीं बाड़मेर में RLP प्रत्याशी को कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश का मामला चर्चा में है। दोनों घटनाओं को लेकर चुनावी माहौल गरमा गया है।

नाथद्वारा में BJP-कांग्रेस समर्थकों के बीच विवाद

नाथद्वारा नगर पालिका के वार्ड नंबर 23 में कांग्रेस नेता देवकीनंदन गुर्जर के बेटे अजय गुर्जर के सामने BJP समर्थित प्रत्याशी को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। नाम वापसी के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी। स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी और हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है।

बाड़मेर में RLP प्रत्याशी को लेकर विवाद

बाड़मेर में भी निकाय चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने RLP प्रत्याशी को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। इस दौरान कथित तौर पर प्रत्याशी के कपड़े फाड़ने और मोबाइल फोन छीनने के आरोप भी लगाए गए हैं। घटना को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

नाम वापसी के आखिरी दिन बढ़ा सियासी तनाव

राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था। नाम वापसी के अंतिम चरण में BJP और कांग्रेस दोनों अपने-अपने बागी उम्मीदवारों को मैदान से हटाने के प्रयास में जुटे हुए थे। कई जगह टिकट वितरण को लेकर नाराज उम्मीदवारों ने निर्दलीय या अन्य दलों के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ऐसे में नाम वापसी के अंतिम दिन उम्मीदवारों को मनाने और चुनावी समीकरण बदलने की कोशिशें तेज रहीं।

चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद प्रचार होगा तेज

नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही निकाय चुनाव का मुकाबला और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। नाथद्वारा और बाड़मेर की घटनाओं के बाद अब पुलिस और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

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