जयपुर। राजस्थान के किसानों को दिवाली से पहले बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नागौर जिले के बिरलोका में 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन (GSS) सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस बिजली परियोजना से अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे किसानों को रात में खेतों की सिंचाई करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
170 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ GSS
नागौर के बिरलोका में बने 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन को लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें 160 एमवीए क्षमता का 220/132 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। साथ ही, बिजली आपूर्ति की निगरानी और संचालन को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक SCADA प्रणाली का उपयोग किया गया है। इस परियोजना से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने, वोल्टेज में सुधार करने और बिजली व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
नागौर समेत आसपास के क्षेत्रों के किसानों को फायदा
बिरलोका GSS शुरू होने से बिरलोका, नारवा, हिसाबा और पांचला सिद्धा सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा खींवसर और पांचौड़ी क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। खींवसर तहसील में किसानों को दिन के समय दो अलग-अलग ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलेगी। इससे किसान अपनी सुविधानुसार कृषि कार्य और सिंचाई की योजना बना सकेंगे।
अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में दिन की बिजली की व्यवस्था
बिरलोका GSS के शुरू होने से अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने की व्यवस्था को विस्तार मिलेगा। इससे पहले डिस्कॉम के 13 जिलों में दिन की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लागू थी। किसानों को रात के बजाय दिन में सिंचाई की सुविधा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दिन में बिजली मिलने से किसानों को रात के समय खेतों में जाने की जरूरत कम होगी और कृषि कार्यों को अधिक सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा।
2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य
राजस्थान सरकार ने बजट घोषणा के तहत वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में प्रदेश में बिजली नेटवर्क और ग्रिड सब स्टेशनों को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, प्रदेश के 26 जिलों में अब तक किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। नई बिजली परियोजनाओं से इस व्यवस्था का और विस्तार करने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल में भी मिलेगी मदद
बिरलोका GSS से पश्चिमी राजस्थान में उत्पादित सौर ऊर्जा का नागौर क्षेत्र में बेहतर उपयोग करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बिजली नेटवर्क मजबूत होने से बिजली छीजत कम करने, वोल्टेज स्तर सुधारने और आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने के रूप में मिल सकता है। इससे रात में सिंचाई करने की मजबूरी कम होगी और खेतों में कृषि कार्य करना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।



