Monday, October 26, 2026
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राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव में आएंगी राष्ट्रपति, दिसंबर में बड़े कार्यक्रमों की तैयारी

राजस्थान विधानसभा के 75वें अमृत महोत्सव के तहत दिसंबर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जयपुर आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। महिला विधायकों के सम्मेलन, युवा विधायकों के कार्यक्रम और PM मोदी के संभावित दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के 75वें अमृत महोत्सव के तहत राजधानी जयपुर में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर देशभर की महिला विधायकों और युवा विधायकों से जुड़े विशेष सम्मेलनों की योजना बनाई जा रही है।

दिसंबर में जयपुर आ सकती हैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राजस्थान विधानसभा में देशभर की महिला विधायकों का सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति महिला विधायकों के सम्मेलन को संबोधित कर सकती हैं। यह आयोजन दिसंबर में होने की संभावना है। हालांकि, दौरे की अंतिम तारीख और आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होना बाकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इससे पहले भी राजस्थान विधानसभा को संबोधित कर चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 14 जुलाई 2023 को विधानसभा को संबोधित किया था।

युवा विधायकों के सम्मेलन में अमित शाह को बुलाने की तैयारी

राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव के अंतर्गत देशभर के युवा विधायकों का सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है। इस कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है। अमृत महोत्सव के समापन समारोह को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कार्यक्रम में आमंत्रित करने और उनके संभावित जयपुर दौरे को लेकर चर्चा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं, विधायी अनुभवों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है।

राजस्थान विधानसभा मना रही 75 साल का गौरव

राजस्थान विधानसभा अपनी 75 वर्षों की संसदीय यात्रा और लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव मना रही है। इस दौरान पूर्व और वर्तमान विधायकों के योगदान को याद करने के साथ विधानसभा की ऐतिहासिक उपलब्धियों को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है। 15 जुलाई 2026 को विधानसभा में ‘पूर्व और वर्तमान सदस्यों का विधायी गौरव यात्रा समागम’ आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हिस्सा लिया था। यह आयोजन राजस्थान विधानसभा के इतिहास और संसदीय लोकतंत्र में उसके योगदान को रेखांकित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

1952 में हुआ था राजस्थान विधानसभा का पहला उद्घाटन

राजस्थान विधानसभा का पहला उद्घाटन 31 मार्च 1952 को हुआ था। उस समय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 160 थी। इसके बाद से विधानसभा ने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है। विधानसभा में राजस्व सुधार, कृषि, सामाजिक बदलाव और जनहित से जुड़े विषयों पर कानून बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। राजस्थान की विधानसभा से जुड़े कई नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी पहचान बनाई। भैरों सिंह शेखावत और जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति बने, जबकि ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष के पद पर पहुंचे।

राजस्थान विधानसभा की अध्यक्ष परंपरा भी रही खास

राजस्थान विधानसभा के इतिहास में कई नेताओं ने अध्यक्ष के रूप में सदन की कार्यवाही का संचालन किया है। इनमें नरोत्तम लाल जोशी, राम निवास मिर्धा, निरंजन नाथ आचार्य, हरिशंकर भाभड़ा, परसराम मदेरणा और सुमित्रा सिंह जैसे नाम शामिल हैं। सुमित्रा सिंह राजस्थान विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष रहीं। इसके बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं ने इस पद की जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं।

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