Wednesday, July 15, 2026
HomeLatest Newsराजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त,...

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, बोला-‘आयोग सक्षम नहीं तो हम किसी को नियुक्त कर देते हैं’

Rajasthan High Court On Panchayat Election: राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में देरी पर राज्य सरकार और चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि यदि राज्य चुनाव आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है तो हाईकोर्ट किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त कर सकता है।

Rajasthan High Court On Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. बुधवार को चुनाव टालने संबंधी राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीखी टिप्पणी की. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि राज्य चुनाव आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है तो हाईकोर्ट किसी अन्य अधिकारी को चुनाव कराने के लिए नियुक्त कर सकता है. कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह अदालत को सख्त आदेश पारित करने के लिए मजबूर न करे.

चुनाव आयोग और OBC आयोग की कार्यशैली पर सवाल

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें हटाकर सक्षम लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए. अदालती आदेश की अनुपालना नहीं होने पर हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के सदस्य सचिव को तलब किया है.

सरकार ने मांगा अंतिम मौका

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अदालत को बताया कि पंचायत और निकाय चुनाव में ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के आदेशों की अवहेलना नहीं कर रही है, लेकिन OBC आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के कारण आरक्षण का वर्गीकरण पूरा नहीं हो सका है. महाधिवक्ता ने बताया कि ओबीसी आयोग का कार्यकाल पहले भी कई बार बढ़ाया जा चुका है और आयोग ने अब 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का भरोसा दिया है. ऐसे में सरकार को चुनाव स्थगित करने के लिए अंतिम अवसर दिया जाए.

अदालत पहले भी चुनाव कराने के दे चुकी निर्देश

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने इससे पहले राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. बाद में सरकार और आयोग की ओर से समय बढ़ाने का अनुरोध किए जाने पर अदालत ने 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने का निर्देश दिया था. साथ ही ओबीसी आयोग को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट और चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर हाईकोर्ट ने अब सख्त रुख अपनाया है.

ये भी पढ़ें: ‘दुश्मनी करो, लेकिन संवाद की खिड़की खुली रखो’, विधानसभा में वसुंधरा राजे ने दिया बड़ा संदेश


Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image