Thursday, September 10, 2026
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राजस्थान सरकार का बड़ा एक्शन: 5 पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर 2 महीने का बैन, घी-चाय से लाल मिर्च तक शामिल…

राजस्थान में मिलावट के खिलाफ ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने 5 पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, प्रदर्शन और बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगाई है। जांच में नंदी गाय का घी, रतवाड़ी टी-गोल्डन थार, जी.एस. गोल्ड लाल मिर्च और के.डी.पी. डेयरी के दो घी उत्पाद असुरक्षित पाए गए। 9 दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

जयपुर। राजस्थान में मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने लैब जांच में असुरक्षित पाए गए 5 पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, प्रदर्शन और बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगाने का फैसला किया है। इन उत्पादों में गाय का घी, चाय और लाल मिर्च पाउडर के साथ दो अलग-अलग ब्रांड के घी शामिल हैं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होने के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 9 दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

5 पैकेज्ड प्रोडक्ट्स पर लगा बैन

राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्धारित बैच नंबर वाले इन उत्पादों को असुरक्षित घोषित किया है।

  • नंदी ब्रांड गाय का घी — निर्माता: दिशा एंटरप्राइजेज, बालोतरा-बाड़मेर; बैच नंबर 005।
  • रतवाड़ी टी–गोल्डन थार — निर्माता: श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज, रीको बाड़मेर; बैच नंबर 150726।
  • जी.एस. गोल्ड लाल मिर्च पाउडर — निर्माता: हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, फाजिल्का, पंजाब; बैच/लॉट नंबर GS 31।
  • के.डी.पी. डेयरी–कृष्णा ब्रांड घी — निर्माता: के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री, उत्तर-पश्चिम दिल्ली; बैच नंबर DK 1225 और DK 160326।
  • के.डी.पी. डेयरी–सारस ब्रांड घी — निर्माता: के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री; बैच नंबर DS 030426।

विभाग की कार्रवाई संबंधित बैच नंबर वाले उत्पादों पर लागू की गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले अपने पास मौजूद पैकेट का बैच नंबर जरूर जांच लेना चाहिए।

9 दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस निलंबित

खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल होने के बाद अलग-अलग जिलों में 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

  • एम/एस हार्दिक ट्रेडर्स, बाखासर, बाड़मेर — मिर्च पाउडर में मिलावट का मामला।
  • चाय वाला प्रतिष्ठान, चूरू — तैयार चाय का सैंपल असुरक्षित मिला।
  • शर्मा सेल्स एजेंसीज, रानी बाजार, बीकानेर — फ्राइड मटर के सैंपल फेल।
  • श्री सवाई भोज मिल्क डेयरी, माकड़वाली, अजमेर — दूध असुरक्षित पाया गया।
  • इंडिया मिल्क डेयरी, स्टीफन स्कूल चौराहा, अजमेर — दूध में मिलावट का मामला।
  • एम.एस.के. रेजिडेंट, वैशाली नगर, अजमेर — माउथ फ्रेशनर/सौंफ के सैंपल फेल।
  • बजाली मिल्क डेयरी, टोडारायसिंह, टोंक — घी में मिलावट।
  • श्रीजी मिल्क डेयरी, देवली, टोंक — घी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
  • श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज, बाड़मेर — चाय पत्ती के सैंपल फेल।

जयपुर में 3 प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार संचालित करने वाले तीन प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन निरस्त किए हैं। इनमें एम/एस बालाजी जयका, विद्याधर नगरएम/एस गणपति ड्राईफ्रूट्स, कूकड़खेड़ा और द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज, निर्माण नगर शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन प्रतिष्ठानों पर पहले भी कार्रवाई की गई थी और लाइसेंस निलंबन के बावजूद खाद्य कारोबार जारी रखने की शिकायत सामने आई थी।

खाद्य सामग्री खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

पैकेट की सील जरूर देखें

कोई भी पैकेज्ड सामान खरीदते समय उसकी पैकिंग और सील की जांच करें। यदि पैकेट फटा हुआ, खुला या सील ढीली दिखाई दे तो उसे खरीदने से बचें।

बैच नंबर और एक्सपायरी चेक करें

पैकेट पर दर्ज Batch Number, Manufacturing Date और Best Before/Expiry Date जरूर देखें। खास तौर पर उन बैच नंबर वाले उत्पादों को खरीदने से बचें जिन पर विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है।

मिलते-जुलते फर्जी ब्रांड से रहें सावधान

बाजार में असली ब्रांड के नाम और पैकेजिंग से मिलते-जुलते नकली उत्पाद भी मिल सकते हैं। इसलिए ब्रांड का नाम, पैकेजिंग और लेबल ध्यान से जांचना जरूरी है।

मिलावट का शक हो तो शिकायत करें

यदि किसी दुकान या ब्रांड के खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास शिकायत कर सकते हैं। खाद्य कारोबार से जुड़े लाइसेंस और अन्य जानकारी की भी जांच की जा सकती है।

सरकार का फोकस मिलावट के खिलाफ कार्रवाई पर

राजस्थान सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। 5 पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर रोक और 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप मचा है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।

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