जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान रविवार को खाटूश्यामजी पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा की और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शेखावाटी क्षेत्र के विकास, रोजगार, जल परियोजनाओं, सड़क नेटवर्क और ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
मुख्यमंत्री के दौरे और संबोधन में धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्रीय विकास और राजनीतिक बयानबाजी भी प्रमुख रूप से सामने आई। आइए जानते हैं उनके दौरे और भाषण की 10 प्रमुख बातें।
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1. बाबा श्याम के दरबार में लगाई हाजिरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खाटूश्यामजी मंदिर में पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विकास की कामना की। मंदिर में स्थानीय पुजारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
2. 85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की समीक्षा
खाटूश्यामजी में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वदेश दर्शन और कृष्णा सर्किट योजनाओं के तहत चल रहे करीब 85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया।
3. भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सुनी ‘मन की बात’
मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम है। उनके मुताबिक, इसके जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे अभियानों को भी प्रोत्साहन मिलता है।
4. पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आईं और भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा भाजपा सरकार ने भर्ती कैलेंडर के जरिए परीक्षाओं और नियुक्तियों को समयबद्ध बनाने की दिशा में काम किया है।
5. करीब 1.93 लाख युवाओं की भर्ती का दावा
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 1 लाख 93 हजार युवाओं के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उनके अनुसार, इनमें से लगभग सवा लाख युवाओं को नौकरी मिल चुकी है, जबकि शेष नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं को अवसर देने पर जोर दिया।
6. शेखावाटी में सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने शेखावाटी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कोटपूतली से किशनगढ़ तक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर परिवहन नेटवर्क से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं से भी क्षेत्र को जोड़ने की योजना पर जोर दिया गया।
7. ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण और प्रवासी राजस्थानियों पर फोकस
शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां और पारंपरिक वास्तुकला इस क्षेत्र की खास पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने इन धरोहरों को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयासों की बात कही। कार्यक्रम में 8 दिसंबर को क्षेत्र के भामाशाहों के सहयोग से संरक्षण कार्यों को आगे बढ़ाने और 10 दिसंबर को ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ थीम पर प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन आयोजित करने का जिक्र किया गया। इसका उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश के विकास और निवेश से जोड़ना बताया गया।
8. यमुना जल समझौते से शेखावाटी को पानी मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने शेखावाटी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का जिक्र करते हुए यमुना जल और किशाऊ जल परियोजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं को भी निशाने पर लिया।
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9. खेती और डेयरी क्षेत्र में बदलाव का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राजस्थान के किसान मेथी, जीरा, मक्का और ईसबगोल जैसी फसलों की खेती के साथ नए विकल्प भी अपना रहे हैं। जैसलमेर में खजूर की खेती का उदाहरण देते हुए उन्होंने किसानों की मेहनत और आधुनिक कृषि पद्धतियों की भूमिका का उल्लेख किया। सरकार की ओर से कृषि और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
10. राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान की संभावनाओं का जिक्र करते हुए सौर ऊर्जा को अहम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनका लक्ष्य राजस्थान को ऐसा राज्य बनाना है, जो अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ दूसरे राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा सके।
खाटूश्यामजी दौरे में विकास और राजनीति दोनों रहे केंद्र में
सीएम भजनलाल शर्मा के खाटूश्यामजी दौरे में धार्मिक दर्शन, विकास कार्यों की समीक्षा, रोजगार, जल संकट, सड़क परियोजनाओं और ऊर्जा आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, अपने भाषण में उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार के कामकाज को भी सामने रखा। अब इन योजनाओं और घोषणाओं का धरातल पर कितना असर दिखाई देता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर रहेगी।



