जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में रविवार को जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पांच विधानसभा क्षेत्रों से आए भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नए सदस्यों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया।
कांग्रेस के अनुसार, कोटपूतली, सपोटरा, टोडाभीम, गंगापुर सिटी और लालसोट विधानसभा क्षेत्रों से 400 से अधिक लोग पार्टी में शामिल हुए। डोटासरा ने दावा किया कि नए लोगों के जुड़ने से आगामी पंचायतीराज चुनाव में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इन चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती देगी।
डोटासरा बोले, पंचायत चुनाव में कांग्रेस को मिलेगी मजबूती
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में डोटासरा ने कहा कि भाजपा के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की नीतियों में भरोसा जताते हुए पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, इन लोगों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठन मजबूत होगा।
डोटासरा ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अराजकता, गुंडागर्दी और तानाशाही का माहौल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नए सदस्यों के साथ मिलकर इन मुद्दों पर संघर्ष करेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पंचायत चुनाव में पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की भागीदारी से संगठन को नई ताकत मिलेगी। हालांकि, चुनाव में किस पार्टी को कितनी सफलता मिलेगी, इसका फैसला मतदाताओं के मतदान के बाद ही होगा।
भाजपा के इन नेताओं और पदाधिकारियों ने थामा कांग्रेस का हाथ
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी के मुताबिक, सदस्यता लेने वालों में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूर्व पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। कोटपूतली क्षेत्र से इंजीनियर सुभाष घोघड़, समाजसेवी कमल खटाना, भाजपा जिला पार्षद अमीचंद धानका, पूर्व पार्षद प्रवीन्द्र आर्य, ओबीसी मोर्चा के जिला मंत्री दिलीप यादव, जिला उपाध्यक्ष पुष्कर शर्मा, मंडल महामंत्री राकेश पाल सिंह, धर्मवीर सिंह राठौड़ और नगर परिषद पार्षद कृष्ण छावड़ी ने कांग्रेस की सदस्यता ली।
इनके अलावा कोटपूतली पंचायत समिति सदस्य रविन्द्र सिंह, युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश सराधना, कोटपूतली के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा, पावटा पंचायत समिति सदस्य मुकेश कुमावत, सुभाष कुमावत, पंचायत समिति सदस्य संतोष यादव और सुधीर यादव भी कांग्रेस में शामिल हुए। सूची में मीनाक्षी घोड़, पूजा यादव, ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष शीशराम जाट और कोटपूतली मंडल महामंत्री सुशील यादव के नाम भी शामिल हैं।
सेवानिवृत्त अधिकारी और वरिष्ठ नेता भी कांग्रेस में शामिल
कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल सिंह शेखावत के साथ कई सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व जनप्रतिनिधि भी पार्टी में शामिल हुए। इनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पी.आर. मीणा और कैलाश मीणा, सेवानिवृत्त डीवाईएसपी भंवरलाल मीणा, शिवजीराम मीणा, सेवानिवृत्त आरएएस गिरिराज प्रसाद बैरवा, गृह मंत्रालय में पूर्व निदेशक आर.सी. मीणा और पूर्व आरपीएससी सदस्य सुरजीत मीणा के नाम शामिल हैं।
इसके साथ ही पूर्व प्रधान रामदयाल, पूर्व सरपंच मांगीलाल मीणा, पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वीलाल और युवा कार्यकर्ता कैलाश मीणा सहित अन्य लोगों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। पार्टी का कहना है कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से आए इन लोगों के जुड़ने से उसे पंचायत चुनाव की तैयारी में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मुरारीलाल मीणा और इन्द्राज गुर्जर भी रहे मौजूद
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांसद मुरारीलाल मीणा, कोटपूतली-बहरोड़ के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक इन्द्राज गुर्जर समेत कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नए सदस्यों का स्वागत किया गया। पंचायत चुनाव से पहले दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराने की इस कवायद को ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन विस्तार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान में सियासी हलचल तेज
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। कांग्रेस का दावा है कि पांच विधानसभा क्षेत्रों से लोगों के जुड़ने से उसे चुनावी तैयारी में फायदा मिलेगा। वहीं, भाजपा की ओर से इस सदस्यता कार्यक्रम पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने 400 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया है, जबकि पार्टी की ओर से प्रकाशित नामों की सूची में 68 नाम दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में कुल संख्या और नामों का आधिकारिक विवरण अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न है।



