नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। एक संवाद कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि भाजपा में उनका पसंदीदा नेता कौन है, तो उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नए कयास लगाए जाने लगे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनका हमेशा अच्छा व्यक्तिगत संबंध रहा है। उन्होंने उन्हें अनुभवी और सहज स्वभाव का नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ बातचीत हमेशा सकारात्मक रही है। राहुल के इस बयान को राजनीतिक हलकों में खासा महत्व दिया जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे और पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे। वर्ष 2021 में कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाई थी। बाद में उनकी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया और तब से वह भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं।
राहुल गांधी के बयान के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई कि क्या भविष्य में कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी की कोई संभावना बन सकती है। हालांकि इस संबंध में न तो कांग्रेस और न ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। फिलहाल इसे केवल राजनीतिक अटकलों के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान केवल व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाता है या इसके पीछे कोई व्यापक राजनीतिक संदेश भी है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।
पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बदलाव देखने को मिले हैं और ऐसे में इस बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों में उनकी भूमिका को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी ने एक बार फिर दोनों नेताओं के पुराने राजनीतिक संबंधों और पंजाब के संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर शुरू कर दिया है।



