Monday, October 26, 2026
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व्यापारियों की मांग राहुल गांधी ने ठुकराई, 1 नवंबर की महारैली टालने से इनकार; दिवाली कारोबार पर संकट की आशंका

देश की राजधानी में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है।

दिल्ली। देश की राजधानी में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। दिवाली के त्योहार के बीच व्यापारियों ने रैली की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है, लेकिन राहुल गांधी ने इसे टालने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद व्यापारिक संगठनों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि रैली के चलते यातायात प्रतिबंधों, बैरिकेडिंग और बाजारों तक पहुंचने में परेशानी से त्योहारी कारोबार प्रभावित हो सकता है।

व्यापारियों ने की थी रैली टालने की मांग
दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में सोमवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन कर कांग्रेस से महारैली को दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि इस मांग को लेकर INDIA गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखा जाएगा। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर रैली के कारण प्रमुख बाजारों में आवाजाही प्रभावित हुई, तो त्योहारी सीजन में करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

राहुल गांधी का जवाब, रैली तय तारीख पर होगी
व्यापारियों की मांग के बीच राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह दिल्ली के हर व्यापारी से प्यार करते हैं और उनकी बात सुन रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई और कहा कि ऐसा होने पर आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी के इस रुख से व्यापारियों की तारीख बदलने की मांग को फिलहाल राहत नहीं मिली है। व्यापारियों की चिंता के बीच रैली को तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने का संदेश सामने आया है। इससे कारोबारियों में नाराजगी बढ़ सकती है, क्योंकि उनके मुताबिक दिवाली का समय साल के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक दौर में से एक है।

खड़गे ने भी लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी X पर पोस्ट कर लोगों से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने महंगाई और कथित वोट चोरी के मुद्दे उठाते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस अभियान में भागीदारी जरूरी है।

दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों पर असर की आशंका
व्यापारी संगठनों का कहना है कि रामलीला मैदान के आसपास स्थित कई प्रमुख बाजारों का कारोबार रैली के दौरान प्रभावित हो सकता है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे बाजार शामिल हैं। व्यापारियों के अनुसार, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण दिल्ली के बाहर से आने वाले खरीदारों को परेशानी हो सकती है। स्थानीय ग्राहक भी जाम और आवाजाही की दिक्कतों के चलते बाजारों में जाने से बच सकते हैं।

10 हजार करोड़ के कारोबार पर खतरे की चेतावनी
CTI ने दिवाली सीजन में संभावित व्यापारिक नुकसान को लेकर चिंता जताई है। वहीं, व्यापारी संगठनों के मुताबिक, 2025 में दिवाली के दौरान प्रमुख बाजारों में बिक्री करीब 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंची थी। ऐसे में इस साल त्योहारी कारोबार के बीच बड़े आयोजन और संभावित यातायात प्रतिबंधों को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर विपक्ष का आंदोलन
विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पहले भी प्रदर्शन किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 से 13 अक्टूबर के बीच इस मुद्दे पर कई विरोध कार्यक्रम हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और यातायात पर भी असर पड़ा था।

अब व्यापारियों और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ने के आसार
दिवाली के नजदीक रैली की तारीख को लेकर व्यापारियों और कांग्रेस के बीच असहमति सामने आ गई है। व्यापारियों की मांग है कि उनके कारोबार और ग्राहकों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए रैली की तारीख बदली जाए, जबकि कांग्रेस नेतृत्व लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है।

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