लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की अदालत ने बरी कर दिया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। अदालत ने मामले में उन्हें दोषी नहीं माना।
2018 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला मई 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इसे मानहानिकारक बताते हुए भाजपा नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
2023 में जारी हुआ था समन
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को आरोपी मानते हुए समन जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली थी। उस दौरान राहुल गांधी ने आरोपों से इनकार किया था।
शिकायतकर्ता की ओर से तीन गवाहों के बयान
मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से विजय मिश्रा, अनिल मिश्रा और रामचंद दुबे के बयान दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के वॉइस सैंपल लेने की मांग करते हुए अदालत में अर्जी भी दाखिल की थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी इस मांग को राहत नहीं मिली।
अन्य मामलों में भी खारिज हो चुकी हैं याचिकाएं
राहुल गांधी के खिलाफ कथित मुस्लिम विरोधी टिप्पणी को लेकर मुकदमा चलाने की एक अन्य याचिका भी एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर खारिज कर दी थी। यह याचिका मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित कथित बयान को लेकर दाखिल की गई थी।



