कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच यानी First Level Checking (FLC) शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया करीब 15 दिनों तक चलेगी। जांच के दौरान मशीनों की तकनीकी स्थिति परखने के साथ पिछले चुनाव से संबंधित पुराने डाटा को निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।
5417 EVM की होगी तकनीकी जांच
कानपुर जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित मतदान व्यवस्था के लिए कुल 5417 EVM की FLC की जानी है। इन मशीनों का इस्तेमाल जिले के 3736 मतदान केंद्रों से जुड़ी चुनावी तैयारियों के तहत किया जाएगा। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के दौरान इस्तेमाल होने वाली मशीनें तकनीकी रूप से सही स्थिति में हों और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करें।
इस कार्य के लिए बेंगलुरु स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से 12 इंजीनियरों की टीम कानपुर पहुंची है। टीम ने तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। जांच के दौरान मशीनों की कार्यक्षमता और संभावित तकनीकी खामियों की पड़ताल की जाएगी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
EVM की First Level Checking की प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से तय प्रोटोकॉल के अनुसार मशीनों की जांच, पुराने डाटा को हटाने और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अवर सचिव कनिष्क कुमार भी FLC की निगरानी के लिए कानपुर पहुंचे हैं। वह करीब तीन दिनों तक यहां रहकर जांच प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे। पूरी प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग दिल्ली और लखनऊ स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालयों में भी देखी जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद सुरक्षित रखी जाएंगी मशीनें
FLC के दौरान सही पाई जाने वाली EVM और VVPAT मशीनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सील कर सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक मशीन की जांच की स्थिति को निर्वाचन आयोग के EVM Management System में दर्ज किया जाएगा। इससे मशीनों की स्थिति और आवाजाही का रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 प्रस्तावित हैं। हालांकि, मतदान की अंतिम तारीखों की घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से की जानी है। कानपुर में शुरू हुई FLC चुनावी प्रक्रिया से पहले की तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।



