Friday, November 6, 2026
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मेला शुरू, संगम तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 9 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Magh Mela 2026: प्रयागराज में पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मेला 2026 की शुरुआत हो गई। संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा और सुबह 10 बजे तक करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा व संगम में स्नान किया। इसके साथ एक माह का कल्पवास भी आरंभ हुआ, जिसमें लाखों कल्पवासी नियमित स्नान और पूजा-अर्चना करेंगे।

Magh Mela 2026: पौष पूर्णिमा स्नान के साथ शनिवार से संगम की रेती पर माघ मेला प्रारंभ हो गया. बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सुबह से ही गंगा और संगम की ओर जाते दिखाई दिए. इस स्नान पर्व के साथ एक माह का कल्पवास भी आज से शुरू हो गया.

त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब 5 लाख कल्पवासियों का आज से कल्पवास प्रारंभ हो जाएगा जिसके तहत वे दिन में दो बार गंगा स्नान और एक पहर भोजन लेते हैं और बाकी समय अपने आराध्य देवता का ध्यान, पूजन आदि करते हैं. उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण सुबह स्नानार्थियों की भीड़ थोड़ी कम रही, लेकिन धूप निकलने के साथ उनकी संख्या बढ़ने की संभावना है. पौष पूर्णिमा स्नान पूरा दिन भर चलेगा.

9 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया

मेला प्रशासन के मुताबिक सुबह 10 बजे तक 9 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया. प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह से ही कोहरा होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत अधिक नहीं है, लेकिन यदि कल्पवासियों की संख्या को जोड़ दें तो शाम तक 20 लाख के करीब श्रद्धालु पौष पूर्णिमा का स्नान कर सकते हैं.

उन्होंने बताया कि आज शाम 4 बजे तक पौष पूर्णिमा स्नान मुहूर्त रहेगा. मेले में श्रद्धालुओं का आगमन धीरे धीरे बढ़ रहा है. वहीं, कल्पवासी आज स्नान करने के बाद अपने पुरोहित से एक माह के कल्पवास का संकल्प लेंगे और उसी के अनुसार यहां मेले में प्रवास करेंगे.

पौष पूर्णिमा पर 20 से 30 लाख श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के मुताबिक, पौष पूर्णिमा पर 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने की उम्मीद है. माघ मेले में 10,000 फुट क्षेत्र के 10 स्नान घाट बनाए गए हैं और 9 पांटून पुल बनाए गए हैं.

मेले में आए श्रद्धालुओं ने कही ये बात

कोलकाता से सपरिवार स्नान करने आईं पूजा झा ने कहा कि माघ मेला में आकर बहुत अच्छा लग रहा है. स्नान का पहला दिन होने के कारण भीड़ थोड़ी कम है. हालांकि भीड़ कम होने से लोग आराम से स्नान कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के रीवा से लड्डू गोपाल को लेकर आईं शिवानी मिश्रा ने कहा कि वह महाकुंभ में 3 बार स्नान करने आई थीं और माघ मेले में भीड़ कम होने से अच्छे से स्नान हुआ.

पहली बार कल्पवासियों के लिए बसाया अलग नगर

एडीएम (माघ मेला) दयानंद प्रसाद ने बताया कि पहली बार माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए एक अलग से नगर बसाया गया है. 950 बीघे में बसाए गए इस नगर को प्रयागवाल नाम दिया गया है. नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार इसे बसाया गया है. माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्वों में पौष पूर्णिमा (3 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघी पूर्णिमा (एक फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी) शामिल हैं.

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