PM Modi Indonesia Visit: पीएम मोदी अपनी तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा पूरी कर ऑस्ट्रेलिया रवाना हो गए. यात्रा के दौरान उन्होंने अहम खनिजों, समुद्री सुरक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इससे पहले आज उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का दौरा किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत के सहयोग से शुरू की जा रही प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का उद्घाटन भी किया. यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है और भारत-इंडोनेशिया के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक है.

भारत के सहयोग से होगा मंदिर का संरक्षण और पुनरुद्धार
भारत और इंडोनेशिया ने एक दिन पहले ही प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना के लिए आशय-पत्र का आदान-प्रदान किया था. इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करना है.

पीएम मोदी ने साझा की तस्वीर
मंदिर के दौरे से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स’ पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ विमान में ली गई एक तस्वीर साझा की उन्होंने पोस्ट में लिखा,”राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए.’ इसके बाद उन्होंने मंदिर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा,”भव्य प्रम्बानन मंदिर!”

इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर
योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर 10वीं शताब्दी में निर्मित हुआ था. यह भगवान शिव को समर्पित इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है. यूनेस्को के अनुसार, मंदिर के मुख्य प्रांगण में तीन प्रमुख मंदिर हैं, जो भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं। इनके अलावा तीन अन्य मंदिर उन वाहनों को समर्पित हैं, जिन्हें इन देवताओं का वाहन माना जाता है. मंदिर की दीवारों पर रामायण महाकाव्य के प्रसंगों को दर्शाती शानदार नक्काशी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है.

यहां आना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात
प्रम्बानन मंदिर का दौरा कर पीएम मोदी ने कहा कि “यह मेरा सौभाग्य है कि कहीं न कहीं मुझे शिव जी से जुड़ने का अवसर मिल ही जाता है. मेरा जन्म वडनगर में हुआ और वहां पर हाटकेश्वर महादेव एक बहुत बड़ा तीर्थ क्षेत्र है. सोमनाथ जो गुजरात की धरती है जिसकी विकास में मेरी सीधी जिम्मेदारी है और राजनीति कार्य क्षेत्र काशी में काशी विश्वनाथ महादेव हैं, जो मुझे लगातार आशीर्वाद देते रहे हैं. आज यहां पर आकर एक हमारी सांस्कृतिक विरासत का पूर्णोधार और उसका नवीनीकरण का काम और उसका प्रारंभ करने का सौभाग्य भी मुझे मिला. मैं अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्यशाली मानता हूं.”
#WATCH योग्याकार्ता (इंडोनेशिया): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,"मेरे परम मित्र और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और उनके साथ यहां आए हुए मंत्री परिषद के सभी वरिष्ठ साथी,इंडोनेशिया और भारत के मेरे भाई-बहनों ये मेरा सौभाग्य है कि कहीं न कहीं मुझे शिव जी से जुड़ने का… pic.twitter.com/vILnVc8YFb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2026
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