Rahul Gandhi News : नई दिल्ली। नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को “अपराधी शिक्षा मंत्री” बताते हुए तत्काल पद से हटाने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।
राहुल गांधी ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल को सामने पेश किया। उन्होंने दावा किया कि साहिल उस समय राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, जब उस पर कथित रूप से पैलेट गन चलाई गई। राहुल ने कहा कि इस घटना में उसकी आंख गंभीर रूप से घायल हुई और उसकी दृष्टि प्रभावित हुई है।
उन्होंने सरकार के इस दावे को भी खारिज किया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केवल साहिल ही नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया। उनके अनुसार ये छात्र केवल पेपर लीक के खिलाफ निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को “झूठ बोलना बंद करना होगा” और छात्रों की आवाज सुननी होगी।
उन्होंने कहा कि देश का युवा सरकार से तीन प्रमुख मांगें कर रहा है—पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। दूसरी, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और पेपर लीक जैसे मामलों में युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति केंद्र सरकार की विफलता को दर्शाती है और छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।



