Iran US War: अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार रात ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे. बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक महत्वपूर्ण संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तक पहुंचाने के मकसद से वहां पहुंचे हैं.
बढ़ते तनाव के बीच नकवी यात्रा मानी जा रही महत्वपूर्ण
ईरान पहुंचने पर नकवी का स्वागत उनके समकक्ष एस्कंदर मोमेनी ने किया. दोनों नेताओं की हाल ही में किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान भी मुलाकात हुई थी. ईरानी समाचार एजेंसी ‘इरना’ और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह यात्रा क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
यात्रा का क्या है मकसद ?
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इस वर्ष की शुरुआत में कराए गए युद्धविराम समझौते को बचाए रखने और अमेरिका तथा ईरान के बीच सार्थक संवाद फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है. अप्रैल में हुए युद्धविराम के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में कई सैन्य घटनाओं ने हालात को बार-बार तनावपूर्ण बनाया है, जिससे समझौते की स्थिरता पर सवाल खड़े हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, तेहरान रवाना होने से पहले मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की थी. माना जा रहा है कि उनका यह दौरा पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली कूटनीतिक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाल करना है.
अमेरिका और ईरान के बीच इन मुद्दों पर मतभेद
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं. इनमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार, परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों का भविष्य, होर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय प्रमुख हैं. हाल ही में ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने वार्ता की संभावनाओं को और जटिल बना दिया है.
ट्रंप लगातार कर रहे बातचीत का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है. हालांकि ईरान का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि वार्ता में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और तेहरान अभी भी विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है. जानकारों का मानना है कि यदि पाकिस्तान की यह पहल सफल होती है तो मध्य पूर्व में तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
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