जयपुर के न्यू सांगानेर रोड को लेकर JDA की डिमार्केशन कार्रवाई के बाद विवाद बढ़ गया है। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक सड़क से जुड़े निर्माणों की पहचान और कार्रवाई को लेकर रविवार को स्थानीय लोग और व्यापारी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भी कहासुनी की स्थिति बनी। लोगों ने JDA, सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
दरअसल, स्थानीय लोगों और व्यापारियों को आशंका है कि डिमार्केशन की जद में आने वाले मकान, दुकानें और दूसरे निर्माण हटाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि इलाके में कई परिवार पीढ़ियों से रह रहे हैं और दुकानों से उनकी रोजी-रोटी चलती है। ऐसे में कार्रवाई हुई तो घर के साथ रोजगार का संकट भी खड़ा हो सकता है।
JDA का क्या कहना है?
JDA के मुताबिक, सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर हिस्से में डिमार्केशन की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं और सड़क की सीमा में आने वाले निर्माणों को चिह्नित किया जा रहा है। JDA की ओर से करीब 260 निर्माणों को चिह्नित करने की बात कही गई है।
वहीं, उपलब्ध हालिया रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के तहत सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि सोडाला से गुर्जर की थड़ी वाले हिस्से को लेकर न्यायिक रिकॉर्ड में 100 फीट मास्टर प्लान रोड से संबंधित कार्रवाई का उल्लेख मिलता है। इसलिए सड़क की चौड़ाई और किस हिस्से में कितनी जमीन कार्रवाई की जद में आएगी, यह डिमार्केशन और रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होना बाकी है।
विधायक गोपाल शर्मा ने सुनी लोगों की बात
विरोध की सूचना पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों तथा व्यापारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर किसी को लगता है कि डिमार्केशन में गलत निशान लगाए गए हैं या पक्षपात हुआ है, तो मामले को देखा जाएगा।
विधायक ने JDA अधिकारियों से बातचीत जारी रहने की बात कही। उन्होंने मास्टर प्लान और पुराने निर्माणों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि लोगों के भविष्य से जुड़ा फैसला जनहित को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने मामले को आगे न्यायिक स्तर पर ले जाने की संभावना की भी बात कही।
व्यापारी बोले- पहले पुनर्वास और समाधान तय हो
व्यापारियों ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले आपत्तियों की सुनवाई, मुआवजा और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर स्पष्ट व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान कार्रवाई से कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है। व्यापारियों ने सड़क चौड़ीकरण के साथ वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विचार करने की मांग की है। वहीं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे और JDA की कार्रवाई पर सवाल उठाए।



