NEET Paper Leak Protest : नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा (Priyanka Gandhi Vadra) बुधवार को नीट पेपर लीक के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचीं। छात्रों के समर्थन में उन्होंने सरकार पर संसद में चर्चा से बचने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। प्रियंका ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार जवाब देने के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है।
काले कपड़ों में संसद पहुंचीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आधिकारिक आवास, सात लोक कल्याण मार्ग, के बाहर कांग्रेस के धरने का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, इसमें कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है। अलोकतांत्रिक वह है जो संसद में और सड़कों पर हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसद भी बुधवार को काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर लगाए लोकतंत्र कुचलने के आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा, संसद में चर्चा नहीं होने दी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा और न ही अन्य विपक्षी नेताओं को। जब भी वे बोलने के लिए खड़े होते हैं, उन्हें रोक दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया, लोकसभा अध्यक्ष कहते हैं कि उन्हें सरकार से पूछना होगा कि चर्चा कराई जाए या नहीं। यह क्या है? लोकतंत्र खत्म हो गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के धरने में बैठे राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसका उल्लेख करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके साथ क्या हुआ, यह महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा, हम छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों के साथ जो हुआ, क्या वह सही था या गलत? वे सभी युवा छात्र हैं। उनका विरोध प्रदर्शन किसी सामान्य मुद्दे पर नहीं है, बल्कि एक वास्तविक समस्या को लेकर है। देश का हर अभिभावक, हर छात्र और हर शिक्षक जानता है कि यह वास्तविक मुद्दा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि छात्र केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र कठिन परिश्रम से अपना भविष्य बनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, देश के युवाओं की शिक्षा के लिए कुल बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन अदाणी जी और अंबानी जी के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ किए जा रहे हैं। किसानों को कुछ नहीं मिलता, गरीबों को कुछ नहीं मिलता और छात्रों को भी कुछ नहीं मिलता। मंगलवार को कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना दिया था और उनके इस्तीफे की मांग की थी। बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया था।
सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं : राहुल गांधी
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को हिरासत में लेने के बाद मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था, जबकि प्रियंका गांधी और कुछ अन्य सांसदों को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंची थीं। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि जब यह स्पष्ट हो गया कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं है, तब विपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने का फैसला किया। उन्होंने कहा था कि छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दें, उनके साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि विपक्ष का मानना है कि यह इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा है और इस पर लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में चर्चा होनी चाहिए तथा विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।



