Thursday, July 23, 2026
HomeLatest Newsनरेश मीणा की बढ़ीं मुश्किलें! SC/ST कोर्ट ने 6 अगस्त तक गिरफ्तारी...

नरेश मीणा की बढ़ीं मुश्किलें! SC/ST कोर्ट ने 6 अगस्त तक गिरफ्तारी के दिए आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Naresh Meena News: देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान तत्कालीन SDM को थप्पड़ मारने के आरोपी नरेश मीणा की सशर्त जमानत रद्द होने के बाद टोंक की SC/ST कोर्ट ने पुलिस को 6 अगस्त तक उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उनकी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड भी तलब किया है।

Naresh Meena News: देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान तत्कालीन SDM को थप्पड़ मारने के मामले में आरोपी रहे नरेश मीणा की सशर्त जमानत रद्द होने के बाद टोंक की SC/ST कोर्ट ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 6 अगस्त तक का समय दिया है. साथ ही, कोर्ट के निर्देश पर उनकी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है.

नगरफोर्ट थाना प्रभारी राजेंद्र ताड़ा ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट से मिली नरेश मीणा की सशर्त जमानत 13 जुलाई को रद्द हो गई थी. उसी दिन अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया. उन्होंने कहा कि पुलिस कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई करेगी.

संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा गया

थाना प्रभारी के अनुसार, एससी/एसटी कोर्ट के निर्देश पर नरेश मीणा की चल और अचल संपत्तियों का विवरण मांगा गया है. इसके लिए उनकी ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर (जिला बारां) के सरपंच (प्रशासक) को पत्र भेजा गया है. पत्र में संबंधित मुकदमे का हवाला देते हुए संपत्ति का रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उसे अदालत में प्रस्तुत किया जा सके.

जमानत मिलने के बाद फिर हुए थे गिरफ्तार

नरेश मीणा को देवली-उनियारा उपचुनाव मामले में करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी. हालांकि, बाद में झालावाड़ में एक प्रदर्शन के दौरान उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया. इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन बताया, जिसके बाद टोंक की एससी/एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी.

क्या है पूरा मामला?

देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के लोगों ने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था. उसी दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी ग्रामीणों के धरने में शामिल थे.

आरोप है कि मतदान को लेकर हुए विवाद के दौरान उन्होंने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था. अगले दिन पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया और 15 नवंबर 2024 को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया. इस मामले में 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें नरेश मीणा को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को बाद में जमानत मिल गई.

ये भी पढ़ें: प्रदेश की महिलाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम भजनलाल शर्मा


Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image