नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकार और गिटारिस्ट चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि देर रात घर के बाहर हो रहे शोर का विरोध करने के बाद उनका कुछ लोगों से विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विक्रम सिंह रात करीब 11:30 बजे घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान आसपास मौजूद कुछ लोगों के शोर को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। बात बढ़ने के बाद उनके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू हो गई। वह बचने के लिए अपने घर की ओर भागे, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा किया और इमारत के अंदर भी उन पर हमला किया।
पुलिस ने जांच के दौरान इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। जांच के बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और हमले में कौन-कौन शामिल था।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
हमले में गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को उनके बेटे ने अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौत की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
संगीत की दुनिया में बनाई थी पहचान
चोंगथाम विक्रम सिंह मूल रूप से मणिपुर के इम्फाल वेस्ट के रहने वाले थे। वह लंबे समय से संगीत से जुड़े हुए थे और गिटारिस्ट के रूप में काम कर चुके थे। दिल्ली आने के बाद उन्होंने संगीत सिखाना शुरू किया। करीब 17 वर्षों तक वह बच्चों और युवाओं को संगीत की शिक्षा देते रहे। उन्होंने अपना म्यूजिक स्कूल भी चलाया और दिल्ली स्कूल ऑफ म्यूजिक में भी पढ़ाया।
उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल जांच जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस हमले के पीछे कोई अन्य वजह तो नहीं थी।



