जयपुर। मानसून के दौरान मौसम में अचानक बदलाव होता है। कभी तेज धूप, कभी बारिश और कभी उमस। तापमान और नमी से बार-बार होने वाले बदलाव के बाद शरीर के लिए खुद को ढालना मुश्किल हो जाता है। इससे शरीर की इम्यूनिटी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ सकती है और वायरस व बैक्टीरिया आपके शरीर पर आसानी से अटैक कर सकते हैं। इसके अलावा बारिश के मौसम में कई जगह पानी जमा हो जाता है। यही जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बनता है। दूसरी ओर गंदा पानी और दूषित खाना पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है।
मानसून में सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारियां
- वायरल फीवर
ठंड लगना
सिर दर्द
शरीर में दर्द
कमजोरी
गले में खराश
नाक बहना
खांसी
- डेंगू
तेज बुखार
आंखों के पीछे दर्द
शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
त्वचा पर लाल चकत्ते
प्लेटलेट्स कम होना - पेट के संक्रमण
दस्त
उल्टी
पेट दर्द
डिहाइड्रेशन - सर्दी-जुकाम और खांसी
छींक आना
नाक बंद होना
गले में दर्द
लगातार खांसी
हल्का बुखार - चिकनगुनिया
तेज बुखार
जोड़ों में तेज दर्द
कमजोरी
सिर दर्द - मलेरिया
ठंड लगकर बुखार आना
पसीना आना
शरीर में दर्द
कमजोरी - टाइफाइड
लगातार बुखार
पेट दर्द
भूख कम लगना
कमजोरी
मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी क्यों हो जाती है?
जब मौसम अचानक बदलता है तो शरीर को नए तापमान के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है। इस दौरान वायरस ज्यादा सक्रिय रहते हैं। यदि इम्यूनिटी कमजोर हो या व्यक्ति पहले से थका हुआ हो, कम सो रहा हो या सही भोजन न कर रहा हो, तो संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
मौसम में होने वाले बदलाव से किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है?
छोटे बच्चे
बुजुर्ग
गर्भवती महिलाएं
डायबिटीज के मरीज
अस्थमा के मरीज
हार्ट रोगी
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
बारिश में संक्रमण कैसे फैलता है?
संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से
दूषित पानी पीने से
खुले या बासी खाने से
गंदे हाथों से
मच्छरों के काटने से
संक्रमित सतह को छूने के बाद चेहरे को छूने से
मानसून में खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
- हाथों की सफाई रखें– बाहर से आने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं।
- केवल साफ पानी पिएं– फिल्टर या उबला हुआ पानी पीना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
- घर का ताजा खाना खाएं– बासी, खुले या सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए खाद्य पदार्थों से बचें।
- मच्छरों को पनपने न दें– कूलर, गमले, बाल्टी, टायर या छत पर कहीं भी पानी जमा न होने दें।
- बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलें– गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
- पर्याप्त नींद लें– रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने में मदद करती है।
- संतुलित आहार लें– मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध, दही (यदि डॉक्टर ने मना न किया हो) और प्रोटीन युक्त भोजन लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें– बारिश में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत रहती है।
मानसून में क्या खाएं?
ताजा घर का खाना
दाल और प्रोटीन युक्त भोजन
मौसमी फल
हरी सब्जियां
नींबू और विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ
पर्याप्त पानी
क्या खाने से बचें?
बासी खाना
खुला स्ट्रीट फूड
बिना धुले फल
दूषित पानी
ज्यादा तला-भुना भोजन
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि बीमार होने के ये लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें—
तीन दिन से ज्यादा तेज बुखार
सांस लेने में तकलीफ
बार-बार उल्टी
शरीर पर लाल चकत्ते
तेज कमजोरी
बेहोशी या भ्रम की स्थिति
प्लेटलेट्स कम होने की आशंका
लगातार दस्त या डिहाइड्रेशन
पूरे परिवार के लिए मानसून हेल्थ चेकलिस्ट
रोज घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
साफ और ताजा भोजन करें।
पर्याप्त पानी पिएं।
बच्चों को बारिश के पानी में खेलने के बाद साफ करवाएं।
बाहर से आने पर हाथ-पैर धोएं।
खांसते या छींकते समय मुंह ढकें।
किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।



