मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की हत्या के मामले में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर पति अमित कश्यप की हत्या करने और मौत को सांप के काटने का मामला दिखाने की साजिश रचने का आरोप था। अदालत ने मामले को जघन्य अपराध मानते हुए दोनों को मृत्युदंड दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई
शुक्रवार को सजा सुनाने से पहले अदालत ने रविता और अमरदीप का पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना। रिपोर्ट के मुताबिक, रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों का हवाला देते हुए उनकी देखभाल की मांग की। वहीं, अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का जिक्र किया। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों भावुक हो गए।
ACJM-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत ने फैसले में कहा कि केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है। न्यायाधीश ने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखने की परंपरा का उल्लेख करते हुए इस मामले में पत्नी की भूमिका पर टिप्पणी की। अदालत ने अपराध को दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड सुनाया।
17 अप्रैल 2025 को हुई थी अमित कश्यप की हत्या
मामले के अनुसार, 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने जांच के बाद घटना के करीब 60 दिन में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
551 दिन में हुई सुनवाई, 7 अक्टूबर को दोषी करार
रिपोर्ट के मुताबिक, ACJM जयवीर सिंह नागर की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 551 दिनों में 87 तारीखें पड़ीं। इसके बाद 7 अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया। शुक्रवार को दोनों को सजा सुनाई गई।
तीन दिन में चार दोषियों को मृत्युदंड
मेरठ में पिछले तीन दिनों में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने का दावा रिपोर्ट में किया गया है। इससे पहले 14 अक्टूबर को चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को भी मृत्युदंड सुनाया गया था।
रविता और अमरदीप को सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। अदालत के फैसले के साथ ही मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।



