Thursday, August 27, 2026
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मयंक चक्रवर्ती और प्रतीति बोरदोलोई ने रचा इतिहास, एशियाई जूनियर शतरंज में जीते खिताब

असम के 17 वर्षीय ग्रैंडमास्टर मयंक चक्रवर्ती और 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने एशियाई जूनियर क्लासिकल शतरंज चैंपियनशिप में क्रमशः ओपन और बालिका वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों ने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मयंक पूर्वोत्तर भारत के पहले ग्रैंडमास्टर हैं, जबकि प्रतीति ने महिला इंटरनेशनल मास्टर खिताब और महिला ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल किया।

मुंबई। भारतीय शतरंज के लिए एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में बड़ी सफलता सामने आई है। असम के 17 वर्षीय ग्रैंडमास्टर मयंक चक्रवर्ती और 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने एशियाई जूनियर क्लासिकल शतरंज चैंपियनशिप के ओपन और बालिका वर्ग के खिताब अपने नाम कर लिए। दोनों ने नौ राउंड के मुकाबले में 7.5-7.5 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीते।

मयंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह इसी साल भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने थे और पूर्वोत्तर भारत से इस प्रतिष्ठित खिताब तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं। शीर्ष वरीयता के साथ प्रतियोगिता में उतरे मयंक ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल दौर में रूस के आर्टेम पिंगिन के साथ उनकी बाजी ड्रॉ रही, जिसके बाद उन्होंने 7.5 अंकों के साथ खिताब पक्का किया। पिंगिन 7 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भारत के दक्ष गोयल ने 6.5 अंक लेकर कांस्य पदक जीता।

प्रतीति बोरदोलोई ने भी बालिका वर्ग में शानदार खेल दिखाया। नौ राउंड के बाद उनके खाते में 7.5 अंक रहे और उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। कजाखस्तान की मारिया खोल्यावको 7 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि भारत की निवेदिता वीसी ने 6.5 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

प्रतीति की सफलता की एक खास वजह मयंक के साथ उनकी हालिया तैयारी भी रही। मयंक पिछले करीब तीन से चार महीनों से उन्हें मार्गदर्शन दे रहे हैं। दोनों की यह साझेदारी विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई थी। वहां प्रतीति ने रजत पदक जीतकर भारत की एकमात्र पदक विजेता का गौरव हासिल किया था। इस बार उन्होंने उसी प्रदर्शन को स्वर्ण पदक में बदल दिया।

एशियाई चैंपियन बनने के साथ दोनों खिलाड़ियों को अतिरिक्त उपलब्धियां भी मिलीं। मयंक ने एक और ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया, जबकि प्रतीति ने महिला इंटरनेशनल मास्टर का खिताब और महिला ग्रैंडमास्टर नॉर्म अपने नाम किया।

भारत का प्रदर्शन कुल मिलाकर भी शानदार रहा। क्लासिकल प्रतियोगिता में उपलब्ध छह पदकों में से चार पदक भारतीय खिलाड़ियों ने जीते। मयंक और प्रतीति के दो स्वर्ण के अलावा दक्ष गोयल और निवेदिता वीसी ने कांस्य पदक हासिल किए।

मयंक अब अगले कुछ दिनों में तुर्किये और मलेशिया में होने वाली शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी में हैं। वहीं प्रतीति की यह जीत भारतीय जूनियर शतरंज के लिए एक और बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आई है।

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