Tuesday, May 26, 2026
HomeIndiaलाल किला कार विस्फोट केस में NIA का बड़ा खुलासा, आरोपी ने...

लाल किला कार विस्फोट केस में NIA का बड़ा खुलासा, आरोपी ने फर्जी पहचान से ऑनलाइन रसायन खरीदकर विस्फोटक साजिश रची

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली के लाल किला कार विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी डॉ उमर उन नबी ने फर्जी पहचान के जरिए बाजार में आसानी से उपलब्ध रसायन और उपकरण खरीदे। उसने फरीदाबाद स्थित अपने फ्लैट में अस्थायी प्रयोगशाला बनाकर विस्फोटक तैयार करने के प्रयोग किए। जांच में ऑनलाइन खरीद फर्जी नाम डिजिटल भुगतान और आपूर्ति श्रृंखला का भी खुलासा हुआ जिसमें कई संदिग्ध संपर्क सामने आए है।

Delhi Red Fort Car Blast : नई दिल्ली। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच में दिल्ली के लाल किला कार विस्फोट मामले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपी ने बाजार में आसानी से उपलब्ध रसायनों की खरीद फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर की थी, जिससे पूरे विस्फोटक नेटवर्क को गुप्त रूप से संचालित किया जा सके।

आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि विस्फोटकों से लदी कार चलाने वाला मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी इस विस्फोट में मारा गया था। उन्होंने बताया कि उमर ने विभिन्न रसायनों से जुड़ी जानकारी ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से जुटाई थी। साथ ही उसने विस्फोटक सामग्री का प्रारूप तैयार करने के उद्देश्य से फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में अपने फ्लैट में अस्थायी प्रयोगशाला भी बना रखी थी जहां वह प्रयोग करता था। जांच के दौरान एनआईए अधिकारियों को 25 सितंबर 2024 का एक ‘डिलीवरी’ चालान मिला जिसे मुंबई के एक छोटे कारोबारी ने जारी किया था। इसी दस्तावेज के जरिए विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री की आपूर्ति शृंखला का खुलासा हुआ।

हाल में दायर एनआईए के आरोपपत्र के हवाले से सूत्रों ने बताया कि यह चालान एक विशेष प्रकार के “मिक्स्ड मेटल ऑक्साइड (एमएमओ) की परत चढ़ा टाइटेनियम एनोड के लिए जारी किया गया था जो यह एक खास इलेक्ट्रोड होता है और आरोपियों को अपने रासायनिक प्रयोगों के लिए विद्युत अपघटन प्रक्रिया में इसकी जरूरत थी। एनआईए पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उमर के फ्लैट में साधारण नमक के घोल से क्लोरेट और परक्लोरेट बनाने के लिए विद्युत अपघटन प्रक्रिया अपनाई गई जिसे उसने अपने शोध के दौरान सीखा था। ‘क्लोरेट’ और ‘परक्लोरेट’ विस्फोटक पदार्थ हैं जो सामान्यतः पटाखों में इस्तेमाल होते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एनोड की खरीद उमर ने की थी, लेकिन चालान पर खरीदार का नाम और मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज था।

एनआईए के अनुसार, उमर ने “राहुल भट्ट” के नाम से मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए वाणिज्यिक मंच ‘इंडिया मार्ट’ पर फर्जी पहचान बनाई थी। वहां उसने अपनी “रुचि के उत्पाद” के रूप में खाद की बोरियां, एसीटोन सॉल्वेंट, एनोड और रसायन आदि को सूचीबद्ध किया था। आरोपपत्र के मुताबिक, उसने अगस्त 2024 में मुंबई के दुकानदार से संपर्क किया और डिजिटल भुगतान मंच ‘फोनपे’ के जरिए 25 हजार रुपये का भुगतान किया। दुकानदार ने कुरियर कंपनी के माध्यम से एनोड को अल फलाह विश्वविद्यालय के बाहर के एक पते पर भेजा, जहां से उमर ने उसे प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि उमर ने इसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए बाद में 10 और एनोड खरीदने के लिए बातचीत की थी, लेकिन अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन से संबंधित अंसार गजवत-उल-हिंद के अंतरिम आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के कारण यह सौदा नहीं हो सका। जांच अधिकारियों ने पाया कि उमर और सह-आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील पिछले वर्ष 12 अप्रैल को विस्फोटक बनाने के लिए रसायन खरीदने के उद्देश्य से गुजरात के अहमदाबाद भी गए थे।

सूत्रों के अनुसार, दोनों ने वहां एक मस्जिद में नमाज अदा की और अगले दिन अल फलाह लौट आए। एनआईए अधिकारियों को जांच में यह भी पता चला कि उमर समेत आरोपी इन प्रयोगों के लिए कट्टर जिहादी साहित्य का अनुसरण करते थे। जांच के दौरान यह सामग्री उनके मोबाइल फोन से मिली। एजेंसी ने पिछले वर्ष 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 14 मई को 7,500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र दायर किया था। इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image