Rajasthan Mining Department : जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के 1,428 खनिज तुलाई कांटे ऑटोमाइज्ड कर लाइव किए जा चुके हैं, जबकि 45,462 खनिज परिवहन वाहनों को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) से जोड़ा गया है। इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, प्रकिया के सरलीकरण के साथ ही खनन क्षेत्र में राजस्व छीजत पर भी कारगर रोक लग सकेगी। खानलीजधारक आगे आकर तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन और वीटीएस व्यवस्था से जुड़े। तुलाई कांटों पर रवन्ना जारी करने की पुरानी व्यवस्था जल्द ही निष्प्रभावी हो जाएगी और नई व्यवस्था के तहत ही रवन्ना जारी हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खनिज क्षेत्र में जीरो टॉलरेस की नीति अपनाने के साथ ही खनन क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने पर जोर देते रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों व मार्गदर्शन में खनिज क्षेत्र में पारदर्शी और सरलीकृत व्यवस्था के तहत तुलाई कांटों का ऑटोमाइजेशन और व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। यह व्यवस्था लीजधारकों और विभाग दोनों के लिए ही लाभकारी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में माइनिंग सेक्टर में राज्य के खानधारकों और राज्य सरकार दोनों के ही व्यापक हितों को देखते हुए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है और समयबद्ध कार्यक्रम क्रियान्वयन व प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित किया गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया कि विभाग द्वारा खनन तुलाई में कार्यरत 1764 तुलाई कांटों में हार्डवेयर इंस्टाल कर 1428 तुलाई कांटों को लाइव कर दिया गया हैं। साफ्टवेयर इंस्टाल 336 तुलाई कांटों को एक दो दिन में लाइव कर दिया जाएगा। शेष रहे 461 तुलाई कांटों को भी इस माह के अंत तक साफ्टवेयर इंस्टाल कर लाइव कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तुलाई कांटों पर वजन में हेराफेरी, एक ही वाहन को नंबर प्लेट बदलकर या छिपा कर तुलाई कर ई-रवन्ना जारी करने और इसी तरह अन्य कारणों को गंभीरता से लेते हुए तुलाई कांटों का ऑटोमाइजेशन और खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया।
एसीएस अपर्णा अरोरा ने बताया कि विभाग द्वारा आरआईएफडी की नई व्यवस्था के तहत खनिज परिवहन में लगे वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग व्यवस्था से जोड़ने का निर्णय करते हुए 45462 वाहनों को वीटीएस व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत ओसतन 20 हजार रवन्ना प्रतिदिन जारी होने लगे हैं।



