अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात ट्रस्ट से जुड़े रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी 14 दिन की रिमांड की मांग करेगी।इस मामले में गुरुवार शाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया गया है। ये सभी किसी न किसी रूप में चढ़ावे की गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।
हालांकि, एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इससे पहले एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कुछ बड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने की चर्चा थी, लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।यह मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलने और कई कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव जैसे बिंदु भी सामने आए थे।
इस बीच, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराएं भी एफआईआर में जोड़ी गई हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि चढ़ावे की गिनती और उसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी आगे कार्रवाई हो सकती है।मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने जमीन घोटाले से जुड़े 11 दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं। उनका आरोप है कि मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा।इसी बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह 11 बजे रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के बाद वे अयोध्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। इससे इस पूरे मामले के राजनीतिक रूप से और अधिक गर्माने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अदालत में आरोपियों की पेशी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



