Tuesday, June 2, 2026
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मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने खनन विभाग को दिया सख्त निर्देश, ऑक्शन खानों को जल्द शुरू कर निवेश और रोजगार बढ़ाने पर फोकस

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में ऑक्शन खानों को जल्द परिचालन में लाने को प्राथमिकता बताते हुए सभी विभागों को स्वीकृति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। इससे निवेश, रोजगार और राजस्व बढ़ेगा। बैठक में पर्यावरण, वन और राजस्व मंजूरियों में तेजी, खनन परिवहन सुरक्षा और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम पर भी चर्चा हुई।

Rajasthan Mining Auctions : जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य में ऑक्शन खानों को जल्द से जल्द परिचालन में लाने को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर वैधानिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि खनन ब्लॉकों का शीघ्र संचालन न केवल निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि राज्य के राजस्व में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इसके साथ ही खनन क्षेत्र में पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नीलाम खानों को जल्द परिचालन में लाने से केन्द्र सरकार से राज्य को आकर्षक प्रोत्साहन राशि की प्राप्ति, खनन क्षेत्र में निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर विकसित होने के साथ ही राज्य के बेशकीमती खनिजों का वैधानिक खनन आरंभ हो सकेगा।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में अन्तर्विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में 101 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ ही माइनर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में भी राजस्थान देश में अग्रणी प्रदेश है। उन्होंने कहा कि वैधानिक स्वीकृति प्रदान करने वाली संस्थाओं को फेसिलिटेटर की भूमिका निभानी होगी। मुख्य सचिव श्रीनिवास ने स्टेट लेवल एनवायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी सीया से ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने के लिए पर्यावरण स्वीकृति जारी करने में तेजी लाने, आवश्यक औपचारिकताएं एक बार में ही पूरा कराने और टाइमलाइन बनाकर पर्यावरण स्वीकृतियां जारी कराने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने सीया से कहा कि वे सेक स्तर पर विचाराधीन प्रकरणों के निष्पादन में भी तेजी लाने के लिए समीक्षा करने के साथ ही मार्गदर्शन व सहयोगी की भूमिका निभाएं।

मुख्य सचिव श्रीनिवास ने वन विभाग स्तर पर वन एनओसी, वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, इकोलोजिकल सेंसेटिव जोन आदि से संबंधित आवश्यक सभी जानकारियां पोर्टल पर अपलोड कर उपलब्ध कराने और आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति में सहयोगी की भूमिका निभाएं। उन्होंने डंपर आदि से आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए खनिज परिवहन वाहनों में अनिवार्य रुप से स्पीड गवर्नर लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खनिज परिवहन वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लगाने और उसे खान विभाग व परिवहन विभाग से इंटिग्रेड करने के निर्देश दिए। बैठक में जोधपुर और जयपुर नगर विकास न्यासों के कार्य क्षेत्र में पहले से ऑक्शन खानों में खनन कार्य आरंभ कराने व खनन क्षेत्र में खनिज गतिविधियां आरंभ कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अर्पणा अरोरा ने बताया कि खान विभाग के सामने ऑक्शन खानों को परिचालन में लाना बड़ी चुनौती है। ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने के लिए पर्यावरण, राजस्व, वन सहित विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करनी होती है। आवश्यक अनुमतियों में देरी के चलते नीलाम खानों को परिचालन में लाने में देरी होती है और इससे खनन क्षेत्र में निवेश, खनिजों के वैधानिक खनन, रोजगार और राज्य सरकार का राजस्व प्रभावित होता है इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा भी ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। एसीएस अपर्णा अरोरा ने कहा कि आवश्यक अनुमतियां समय पर मिलने से नीलाम खाने परिचालन में आ सकेगी और इससे प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास आलोक गुप्ता ने भी सुझाव दिए। प्रमुख सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बताया कि विभाग द्वारा इंटरसेप्टर के माध्यम से निर्धारित गति लिमिट से अधिक तेज चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने और गति रेगुलेट करने के संबंध में जानकारी दी। बैठक में सीया के अध्यक्ष मुनीष गर्ग ने विश्वास दिलाया के सीया स्तर पर स्वीकृतियां जारी करने में और अधिक तेजी लाई जाएगी। बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि, एसएस फारेस्ट सुदर्शन, सीया सदस्य सचिव विजय एन, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक केसीए अरुण प्रसाद, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक सचिवालय सुनील कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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Mukesh Kumar
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