Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका देते हुए उसके 6 लोकसभा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं. इसे वर्ष 2022 के बाद शिवसेना में दूसरी बड़ी टूट माना जा रहा है.
कौन-कौनसे सांसद शिवसेना में शामिल ?
शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर शामिल हैं. इन सभी सांसदों ने पहले एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होने की घोषणा की.
मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, "आज हमारे साथ 6 सांसद शामिल हुए हैं। संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर। तो हमारे साथ यहां 3 संजय हैं।… https://t.co/etuQU0Qn1I pic.twitter.com/31702VBfV3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2026
एकनाथ शिंदे ने कही ये बात
इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने कहा ‘ऑपरेशन टाइगर’ अब पूरा और सफल हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों की संख्या के हिसाब से शिवसेना अब महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. उनकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों को बचाने के लिए है. उन्होंने कहा कि आज ये सभी सांसद बालासाहेब की विचारधारा से प्रेरित होकर असली शिवसेना में शामिल हुए हैं. शिंदे ने इसे पार्टी और विचारधारा की जीत बताया.
शिंदे गुट के पास अब 13 लोकसभा सांसद
इन सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत काफी बढ़ गई है. पहले उनके पास 7 सांसद थे, जो अब बढ़कर 13 हो गए हैं. वहीं उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की संख्या 9 से घटकर केवल 3 रह गई है. इससे संसद में उद्धव गुट की राजनीतिक ताकत को बड़ा झटका लगा है.
#WATCH मुंबई: शिवसेना UBT सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मंच साझा किया, सभी नेता आज शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। pic.twitter.com/mqN1NU10CK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2026
‘पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया कि उनकी वफादारी बिकाऊ’
इस घटनाक्रम पर उद्धव ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है. आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि लालच के कारण सांसदों ने रातोंरात पार्टी छोड़ दी.
यह घटनाक्रम आगामी चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है. शिवसेना में 2022 में हुई बड़ी बगावत के बाद यह दूसरी बड़ी टूट है, जिसने एक बार फिर राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है. आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बदलाव का असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में देखने को मिल सकता है.
ये भी पढ़ें: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत, हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख



