Datia by-election : दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव के लिए मतदान होगा। 2.20 लाख से अधिक मतदाता 21 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। मतदान के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के मद्देनजर भी सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मतदान के लिए विधानसभा क्षेत्र में कुल 291 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 186 मतदान केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में जबकि 105 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में हैं। इन केंद्रों पर कुल 2,20,344 मतदाता मतदान के पात्र हैं। इनमें 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिलाएं हैं।
3 अगस्त को आएंगे उपचुनाव के नतीजे
पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि मतदान के मद्देनजर सभी सुरक्षा कंपनियों की तैनाती कर दी गई है और नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां की जाने वाली हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रख रही है और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी डर के मतदान करने की अपील की है। विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम प्रचार अभियान समाप्त हो गया। मतदान 30 जुलाई को होगा जबकि मतगणना तीन अगस्त को होगी।
दतिया सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला दिलचस्प बना
दतिया सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को टिकट दिया है। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी चुनाव मैदान में हैं, जिनकी वजह से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। इन तीनों के अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं जो प्रमुख राजनीतिक दलों की जीत और हार का समीकरण बनाने और बिगाड़ने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था।
दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। हालांकि बाद में भारती को जमानत मिल गई। भाजपा ने इस उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है।



