कोटा। कोटा में अनंत चतुर्दशी के मौके पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे और ढोल की धुन के बीच श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते नजर आए। वहीं शोभायात्रा के दौरान कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में अखाड़ेबाजों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अखाड़ेबाजों के दो पक्षों में कहासुनी और धक्का-मुक्की
शोभायात्रा के दौरान कैथूनीपोल थाने के आगे-पीछे अखाड़ा निकालने को लेकर दो पक्षों के सदस्यों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और शोभायात्रा आगे बढ़ती रही।
किशोर सागर तालाब पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए किशोर सागर तालाब स्थित बारहदरी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और नम आंखों से बप्पा को विदाई दी। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष भगवान गणेश के फिर आने की कामना करते हुए ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। देर रात तक विसर्जन का सिलसिला चलता रहा।
सूरजपोल गेट से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा
कोटा के पुराने शहर के अलग-अलग इलाकों से झांकियां और अखाड़े सूरजपोल गेट पहुंचे। यहां भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में साधु-संतों की मौजूदगी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए और भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने कोटा सहित पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयोजकों के अनुसार, शोभायात्रा करीब 18 से 19 घंटे तक चलने का अनुमान था और इसमें करीब 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई।
90 अखाड़े और 200 झांकियां बनी आकर्षण
इस बार शोभायात्रा में करीब 90 अखाड़े और 200 झांकियां शामिल हुईं। इसके अलावा 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां भी शोभायात्रा का हिस्सा रहीं। पंजाब का पारंपरिक युद्ध कौशल गतका भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। जुलूस के मार्ग में करीब 150 स्वागत समितियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
अखाड़ेबाजों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
शोभायात्रा में अखाड़ेबाजों ने जगह-जगह अपने हुनर और कला का प्रदर्शन किया। एक पट्टेबाज ने पिकअप पर खड़े होकर चक्कर घुमाया, जबकि दूसरे ने तलवारों के फ्रेम पर खड़े होकर तलवारबाजी के करतब दिखाए। एक अन्य अखाड़ेबाज ने पट्टे से तीन आलू काटकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इन करतबों को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जमा रहे।
इस रास्ते से गुजरी शोभायात्रा
मुख्य शोभायात्रा सूरजपोल से मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, चारखंभा, रामपुरा और आर्य समाज मार्ग होते हुए किशोर सागर तालाब की बारहदरी तक पहुंची।
नए कोटा में भी निकली शोभायात्रा
नए कोटा क्षेत्र में भी शाम करीब 6 बजे से गणेश विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 51 झांकियां, 16 अखाड़े और 5 भजन मंडलियां शामिल हुईं। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर में 11 स्थानों पर व्यवस्थाएं की गईं। विसर्जन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए अग्निशमन विभाग की 25 से ज्यादा नावें तैनात की गईं।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए शोभायात्रा और विसर्जन स्थलों पर पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई। अखाड़ेबाजों के बीच विवाद के दौरान भी पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।



