कोटा। कोटा नगर निगम को नया उप महापौर मिल गया है। वार्ड नंबर 54 से बीजेपी पार्षद विवेक राजवंशी को शनिवार को निर्विरोध उप महापौर चुन लिया गया। कांग्रेस की ओर से चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किए जाने के बाद पार्टी ने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। ऐसे में राजवंशी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
निर्विरोध चुने गए विवेक राजवंशी
विवेक राजवंशी कोटा नगर निगम के चार बार के पार्षद हैं। इससे पहले वे नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। बीजेपी शासन के दौरान उन्हें मेला समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया था। नामांकन के दौरान नवनिर्वाचित महापौर अनुसुइया गोस्वामी और पार्षद गोपाल राम मंडा भी मौजूद रहे। बीजेपी पार्षद दल की ओर से राजवंशी के नाम पर सहमति बनने के बाद उन्होंने उप महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था।
कांग्रेस ने चुनाव का किया बहिष्कार
कोटा उप महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया के बहिष्कार का ऐलान किया था। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने बीजेपी पर कांग्रेस पार्षदों को कथित तौर पर डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। कांग्रेस के बहिष्कार के चलते निर्धारित समय तक उसकी ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद एकमात्र नामांकन होने के कारण विवेक राजवंशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
मेयर चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
इससे एक दिन पहले कोटा नगर निगम के मेयर पद का चुनाव हुआ था। बीजेपी की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता कुमारी सुमन को हराकर मेयर पद हासिल किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक गोस्वामी को 65 और कांग्रेस प्रत्याशी को 35 वोट मिले थे। मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर भी कांग्रेस के भीतर सवाल उठे थे। इसके बाद पार्टी ने उप महापौर चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया। राजस्थान कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनावों में कथित क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन से अलग मतदान को लेकर अलग-अलग जिलों से रिपोर्ट भी मांगी है।
सफाई व्यवस्था को लेकर राजवंशी का बड़ा फोकस
निर्विरोध चुने जाने के बाद विवेक राजवंशी ने शहर की सफाई व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कोटा को सफाई के मामले में बेहतर स्थिति में लाने के लिए काम किया जाएगा। राजवंशी के मुताबिक पहले की तुलना में सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और बदलाव की जरूरत है। उन्होंने संसाधनों और व्यवस्थाओं में अगले छह महीनों में बदलाव की बात भी कही।
2020 में दो वोट से हार गए थे मेयर का चुनाव
विवेक राजवंशी के राजनीतिक सफर में कोटा मेयर चुनाव का पिछला अनुभव भी खास रहा है। वर्ष 2020 में वे कोटा दक्षिण नगर निगम के मेयर पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी थे। उस चुनाव में बीजेपी को 39 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के राजीव अग्रवाल राजू भारती को 41 वोट मिले और वे मेयर निर्वाचित हुए थे। इसके बाद बीजेपी ने राजवंशी को नेता प्रतिपक्ष बनाया था। अब छह साल बाद राजवंशी ने कोटा नगर निगम में उप महापौर पद हासिल किया है- वह भी निर्विरोध निर्वाचन के जरिए।



