नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन की करीब 12 साल बाद वापसी हुई है। हालांकि, इस बार वह खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि टीम के मेंटर की भूमिका में नजर आएंगे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें पुरुषों की व्हाइट-बॉल टीम का स्पेशलिस्ट मेंटर नियुक्त किया है। उनकी यह भूमिका खास तौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखकर तय की गई है।
पीटरसन की नई जिम्मेदारी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 और वनडे सीरीज से शुरू होगी। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज में भी टीम के साथ काम करेंगे। उनकी भूमिका अगले साल पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मुकाबलों में भी जारी रहेगी। ऐसे में वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के खिलाड़ियों को उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा मिलने की उम्मीद है।
पीटरसन ने आखिरी बार 2014 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। इसके बाद वह राष्ट्रीय टीम के सेटअप से पूरी तरह अलग हो गए थे। अब 12 साल के अंतराल के बाद उनकी वापसी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। इस बार उनका काम मैदान पर रन बनाना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक तौर पर बेहतर तैयार करने में मदद करना होगा।
इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैक्कुलम भी पीटरसन के अनुभव को टीम के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। पीटरसन ने इंग्लैंड के लिए 136 वनडे और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी उनके नाम 8,000 से ज्यादा रन दर्ज हैं। वह 2010 में इंग्लैंड की टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे थे।
पीटरसन के लिए दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 वर्ल्ड कप खास महत्व रखता है, क्योंकि उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था और उन्होंने वहां के क्रिकेट माहौल को करीब से देखा है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले टूर्नामेंट के लिए परिस्थितियों की उनकी समझ इंग्लैंड के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
इंग्लैंड इस नियुक्ति के जरिए अपने व्हाइट-बॉल क्रिकेट को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। टीम को उम्मीद होगी कि पीटरसन का आक्रामक क्रिकेट का अनुभव और बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की समझ खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप की चुनौती के लिए तैयार करने में मदद करेगी।



