Kailash Vijayvargiya emotional : इंदौर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बढ़त के बीच मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) भावुक नजर आए। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें अपने आंसू पोंछते देखा गया। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भाजपा कार्यकर्ताओं को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि न केवल कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुए, बल्कि उनके खिलाफ भी गंभीर और झूठे मामले दर्ज किए गए। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में काम करते हुए उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों और व्यक्तिगत अपमान का सामना किया। चुनावी बढ़त के बीच उनकी यह भावुक प्रतिक्रिया राजनीतिक माहौल की तीव्रता और उनके अनुभवों की गंभीरता को दर्शाती है।
विजयवर्गीय ने बनर्जी सरकार पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
विजयवर्गीय, भाजपा के केंद्रीय संगठन में पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव रह चुके हैं। वह अपने गृहनगर इंदौर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह कहते हुए भावुक हो गए कि महासचिव के तौर पर उनके छह साल के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में भाजपा के 300 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई और अन्य कार्यकर्ताओं को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया।
इस दौरान उन्हें रुमाल से अपने आंसू पोंछते देखा गया। विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में काम करने के दौरान उन्होंने बहुत अपमान सहा है। उन्होंने कहा कि उनके और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारकों के खिलाफ पश्चिम बंगाल में बलात्कार, बच्चा बेचने और अन्य आरोपों में ‘झूठे मामले’ दर्ज करा दिए गए थे जिसके कारण उन्हें गुजरे सालों में बेहद मानसिक पीड़ा हुई। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने झूठे मामले दर्ज करके उन्हें जेल पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कर दी थी। उन्होंने कहा, मैं देश की न्यायपालिका को धन्यवाद देना चाहता हूं। न्यायपालिका बहुत निष्पक्ष है जिसने हमें न्याय दिया। इसलिए मैं आपके सामने बैठा हूं।
विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की चुनावी बढ़त पर खुशी जताते हुए कहा,‘‘ये आंसू मेरी प्रसन्नता के हैं। मैं डरने वाला आदमी नहीं हूं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सूबे में भाजपा की चुनावी जीत देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का बहुत बड़ा तोहफा है। विजयवर्गीय ने निवर्तमान तृणमूल कांग्रेस सरकार पर देशविरोधी तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि उसके कार्यकाल में पश्चिम बंगाल के रास्ते आतंकवादी, अवैध हथियार और नकली नोट भारत में दाखिल हो रहे थे।



