जयपुर। शहर के टोंक रोड स्थित राडो घड़ी शोरूम में हुई करीब 4 करोड़ रुपए की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के 26 दिन बाद पुलिस ने बिहार के मोतिहारी जिले से दो आरोपियों अजय प्रसाद जायसवाल और दिनेश पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों घोड़ासहन गैंग से जुड़े हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने करीब 3,000 किलोमीटर का सफर तय किया और 800 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
जयपुर राडो शोरूम चोरी, 30 मिनट में ले गए 251 महंगी घड़ियां
पुलिस के अनुसार, टोंक रोड पर ग्लास फैक्ट्री के पास स्थित राडो घड़ी शोरूम में 1 अक्टूबर को चोरी हुई थी। बदमाशों ने वारदात से पहले शोरूम की रेकी की। इसके बाद शटर तोड़कर महज 30 से 35 मिनट में करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की 251 घड़ियां चोरी कर लीं। मामले में बजाज नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
800 CCTV फुटेज खंगाले, 50 से ज्यादा जगहों पर पहुंची पुलिस
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के अनुसार, बजाज नगर थाना पुलिस, सीएसटी और डीएसटी जयपुर पूर्व की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा रास्तों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के फुटेज भी खंगाले। जांच के दौरान पुलिस की टीमें जयपुर, कोटपुतली, गुरुग्राम, दिल्ली और गाजियाबाद समेत 50 से अधिक स्थानों पर पहुंचीं। आरोपियों की आवाजाही और संभावित ठिकानों से जुड़े सुराग जुटाए गए। इसके अलावा नेपाल के बीरगंज और रक्सौल बॉर्डर क्षेत्र में भी निगरानी रखी गई, ताकि चोरी की घड़ियों को दूसरे स्थान पर ले जाने या बेचने की आशंका पर नजर रखी जा सके। जांच के दौरान पुलिस बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन क्षेत्र पहुंची। यहां आरोपियों की तस्वीरों के आधार पर उनकी पहचान की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वारदात में 8 लोगों के शामिल होने का संदेह
पुलिस जांच में इस वारदात में शामिल होने के संदेह में आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें सुबोध उर्फ विकास डूम, सुरेंद्र प्रसाद उर्फ बैला, अरुण शाह, श्याम बाबू उर्फ गुल्लीशाह, अजय प्रसाद जायसवाल, राजा मलाह (साहनी), राजकुमार मलाह और दिनेश पासवान शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की गई घड़ियों की बरामदगी और अन्य संदिग्धों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पर्दा या बेडशीट लगाकर तोड़ते थे दुकानों के शटर
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य देश के अलग-अलग शहरों में महंगी घड़ियों, मोबाइल फोन और ज्वेलरी की दुकानों की रेकी करते थे। वारदात के दौरान दुकान के सामने पर्दा या बेडशीट लगा देते थे, ताकि शटर तोड़ने की गतिविधि बाहर से दिखाई न दे। इसके बाद चोरी कर मौके से फरार हो जाते थे। जांच में कोटा, उज्जैन, रतलाम, वडोदरा, कोच्चि, दिल्ली, आसनसोल, जलगांव, अलीपुरद्वार, त्रिपुरा और झारखंड के धनबाद समेत कई शहरों में मोबाइल चोरी की वारदातों से जुड़े सुराग मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने भारत के अन्य शहरों और नेपाल में भी वारदातें की हैं।
भागने की कोशिश में आरोपी का पैर फ्रैक्चर
मालवीय नगर एसीपी शिवदयाल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अजय प्रसाद जायसवाल को स्वास्थ्य जांच के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने दीवार से कूदकर भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे इलाज के लिए जयपुरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। फिलहाल पुलिस चोरी की घड़ियों की बरामदगी और गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। इस मामले में बजाज नगर थाना पुलिस, सीएसटी और डीएसटी जयपुर पूर्व की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।



