जयपुर। राजस्थान के नरैना थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई हुई है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्रचारक के साथ थाने में दुर्व्यवहार और मारपीट की, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) रेफर किया गया। घटना की खबर फैलते ही संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग थाने पहुंच गए। विरोध के दौरान करीब छह घंटे तक थाने का घेराव किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने थानाधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। इस प्रकरण में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच दूदू के वृत्ताधिकारी अनुपम मिश्रा को सौंपी गई है।
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रास्ते में रोकने के बाद थाने ले जाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना 10 अक्टूबर की रात की है। संघ के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार फुलेरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नरैना थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की। इसके बाद कहासुनी हुई और पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि थाने में उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया।
संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रचारक ने अपना परिचय देने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। मारपीट के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा। मामले में सामने आए कुछ आरोपों में कपड़े उतरवाकर पीटने की बात भी कही गई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस और प्रचारक पक्ष के बयानों में अंतर
इस घटना को लेकर पुलिस और शिकायतकर्ता पक्ष के विवरण में अंतर सामने आया है। पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, गश्त के दौरान दो लोगों को रोककर पूछताछ की गई थी। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और हाथापाई हुई। एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर काटे जाने की बात भी पुलिस पक्ष की ओर से सामने आई है।
दूसरी ओर, शिकायतकर्ता पक्ष ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। ऐसे में घटना के समय क्या हुआ, विवाद कैसे बढ़ा और किसकी क्या भूमिका रही, यह जांच का विषय है।
थाने के बाहर जुटे संघ कार्यकर्ता और भाजपा नेता
घटना की जानकारी मिलने के बाद संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नरैना थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया। विरोध के दौरान थाना परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मामले के तूल पकड़ने पर भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, पूर्व विधायक निर्मल कुमावत और भाजपा जयपुर जिला देहात दक्षिण के अध्यक्ष राजेश गुर्जर समेत कई नेता भी थाने पहुंचे। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। बाजार बंद रहने की भी खबरें सामने आईं।
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छह पुलिसकर्मी निलंबित, FIR दर्ज कर जांच शुरू
मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। रिपोर्टों में थानाधिकारी उमराव सिंह के साथ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आए हैं। सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। जांच अधिकारी अब शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही।
फिलहाल, इस मामले ने पुलिस के व्यवहार और हिरासत के दौरान नागरिकों के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी नजर जांच की निष्पक्षता और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।



