जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने अधिकृत उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस बार पार्टी ने टिकट वितरण में अपनी पारंपरिक रणनीति से अलग रुख अपनाते हुए मुस्लिम समुदाय के 8 चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है। जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। इनमें बीजेपी ने 8 वार्डों से मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है। यह कुल टिकटों का करीब 5.3 प्रतिशत है। पार्टी के इस फैसले को अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इन 8 वार्डों में मुस्लिम प्रत्याशियों पर भरोसा
बीजेपी ने जयपुर के अलग-अलग वार्डों में स्थानीय चेहरों को मौका दिया है। पार्टी की सूची के मुताबिक:-
- वार्ड नंबर 19 से शहनवाज अंसारी को उम्मीदवार बनाया गया है।
- वार्ड नंबर 109 से जाकिर खान कायमखानी को टिकट मिला है।
- वार्ड नंबर 113 से फरीदुद्दीन ‘जैकी’ बीजेपी प्रत्याशी हैं।
- वार्ड नंबर 117 से शब्बो जहां यानी शबाव जहां को मैदान में उतारा गया है।
- वार्ड नंबर 128 से माजिद पठान को टिकट दिया गया है।
- वार्ड नंबर 136 से मिजाना मिर्जा यानी मिजन मिर्जा को प्रत्याशी बनाया गया है।
- वार्ड नंबर 137 से रहीस मंसूरी यानी रईस मंसूरी को उम्मीदवार बनाया गया है।
- वार्ड नंबर 146 से अफसाना को बीजेपी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है।
इन उम्मीदवारों के मैदान में आने से मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश?
जयपुर के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस को लंबे समय से मजबूत जनाधार हासिल रहा है। ऐसे में बीजेपी का मुस्लिम चेहरों पर दांव लगाना चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी की कोशिश इन वार्डों में ऐसे स्थानीय चेहरों को आगे बढ़ाने की है, जिनकी अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत पकड़ और जनसंपर्क मजबूत हो। अगर पार्टी के उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में वोट ट्रांसफर कराने में सफल रहते हैं, तो कांग्रेस के लिए कई सीटों पर चुनौती बढ़ सकती है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ चुनावी मैदान
बीजेपी की ओर से टिकट वितरण में उम्मीदवार की स्थानीय पकड़ और जीतने की क्षमता को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। पार्टी इस चुनाव में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संदेश के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। 8 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देने के फैसले को पार्टी की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय तक राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अल्पसंख्यक बहुल वार्डों में बढ़ेगा मुकाबला
बीजेपी के मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के बाद जयपुर के अल्पसंख्यक बहुल वार्डों में मुकाबला पहले से ज्यादा रोचक हो सकता है। इन क्षेत्रों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ कुछ वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार भी समीकरण प्रभावित कर सकते हैं। नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि, स्थानीय मुद्दे, सामाजिक समीकरण और संगठन की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
टिकट वितरण के बाद बदलेगा जयपुर का चुनावी गणित
जयपुर नगर निगम चुनाव में नए परिसीमन के बाद कुल 150 वार्ड हैं। ऐसे में पुराने चुनावी नतीजों को नए वार्डों पर सीधे लागू करना आसान नहीं होगा। बीजेपी का 8 मुस्लिम चेहरों पर भरोसा कितना सफल रहता है, यह चुनाव परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि पार्टी के इस फैसले ने जयपुर नगर निगम चुनाव के सियासी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।



