जयपुर। सीतापुरा स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में MBA की छात्रा यशस्वी रोहिला की मौत के मामले में पुलिस फोन कॉल और मोबाइल से जुड़े सुराग खंगाल रही है। घटना से कुछ देर पहले यशस्वी की फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल किसकी थी और बातचीत के दौरान क्या हुआ। 23 वर्षीय यशस्वी MBA द्वितीय वर्ष के तीसरे सेमेस्टर में पढ़ रही थी। शनिवार को उसका मिड-सेमेस्टर का पेपर था। यूनिवर्सिटी परिसर में परीक्षा की तैयारी के बीच हुई इस घटना से विद्यार्थियों और शिक्षकों में शोक का माहौल है।
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फोन कॉल के बाद यूनिवर्सिटी से छठी मंजिल तक पहुंची यशस्वी
पुलिस के अनुसार, गुर्जर की थड़ी स्थित प्रेम नगर निवासी यशस्वी शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे फोन आने के बाद बाहर गई थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, CCTV फुटेज में वह कुछ मिनट तक फोन पर बात करती दिखाई दी। इसके बाद वह वॉशरूम गई और अपना मोबाइल बैग में रखने के बाद छठी मंजिल की ओर चली गई।
छठी मंजिल पर पहुंचने के दौरान कुछ विद्यार्थियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने यशस्वी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे समय रहते उसके पास नहीं पहुंच सके। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने शनिवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी और विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी।
आखिरी कॉल और मोबाइल की जांच
थाना प्रभारी राजेश गौतम के मुताबिक, शुरुआती जांच में किसी परिचित से अनबन का पहलू सामने आया है। पुलिस प्रेम-प्रसंग समेत अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस ने यशस्वी का मोबाइल और बैग अपने कब्जे में लिया है। मोबाइल लॉक होने के कारण साइबर सेल की मदद से उसकी जांच कराने की तैयारी है। आखिरी कॉल, WhatsApp मैसेज और कॉल डिटेल्स की पड़ताल की जा रही है। साथ ही उसके सहपाठियों से भी पूछताछ की जा रही है।
दो महीने पहले मिला था 7.25 लाख रुपये का पैकेज
यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार, यशस्वी पढ़ाई में होशियार और नियमित छात्रा थी। करीब दो महीने पहले उसका एक निजी कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट हुआ था। उसे सालाना 7 लाख 25 हजार रुपये का पैकेज मिला था। प्लेसमेंट के बाद यशस्वी और उसका परिवार खुश थे। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्तब्ध कर दिया है।
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अमायरा की मौत के एक साल बाद फिर उठा न्याय का सवाल
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत को भी एक साल हो गया है। अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी का कहना है कि उन्हें अब तक आपराधिक और सिविल, दोनों मामलों में न्याय का इंतजार है।
1 नवंबर 2025 को चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की स्कूल में समय के दौरान चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। यशस्वी की घटना के बीच अमायरा के परिवार ने एक बार फिर न्याय की मांग दोहराई है।



