जयपुर। जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में चुनाव को लेकर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद अब 2,644 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इन प्रत्याशियों के बीच 9 और 11 सितंबर को अलग-अलग चरणों में मतदान होगा। वहीं, चुनाव से पहले ही तीन प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। इनके सामने कोई दूसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं बचा।
19 निकायों में 2,644 उम्मीदवार मैदान में
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के अनुसार जिले की सभी 19 नगरीय निकायों में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 3,365 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसके बाद दो दिन तक चली नामांकन वापसी की प्रक्रिया में 714 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। वहीं तीन प्रत्याशियों के सामने कोई अन्य उम्मीदवार नहीं बचा, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इस तरह अब जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में कुल 2,644 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
तीन प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत
नाम वापसी के बाद तीन प्रत्याशियों की जीत मतदान से पहले ही तय हो गई।
- नरैना नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस प्रत्याशी हीना बानू निर्विरोध निर्वाचित हुईं। उनके सामने बीजेपी की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं था।
- चाकसू नगर पालिका के वार्ड नंबर 11 से बीजेपी प्रत्याशी त्रिलोक श्याम निर्विरोध जीते।
- मनोहरपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 15 से कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन मोहनपुरिया निर्विरोध निर्वाचित हुए।
इस तरह इन तीन वार्डों में अब मतदान की जरूरत नहीं होगी
प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए सिर्फ 7 दिन
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए करीब एक सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्याशी अब घर-घर संपर्क, जनसभाओं और स्थानीय स्तर पर बैठकों के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।
9 और 11 सितंबर को होगा मतदान
राज्य में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। 9 सितंबर को पहले चरण में 164 निकायों में मतदान होगा, जबकि 11 सितंबर को दूसरे चरण में 145 निकायों के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में भी अब प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो चुकी है। 2,644 उम्मीदवारों के मैदान में रहने से आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
अब किसकी बनेगी सरकार, जनता करेगी फैसला
नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनावी तस्वीर स्पष्ट हो गई है। अब प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं तक पहुंचने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की है। 9 और 11 सितंबर को होने वाली वोटिंग के बाद मतदाता तय करेंगे कि जयपुर जिले की इन नगरीय निकायों में किस दल और किस प्रत्याशी को जीत मिलती है।



