जयपुर। राजधानी जयपुर में जमीन के सौदे से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आवासीय योजना विकसित करने के लिए कृषि भूमि का एमओयू किया गया, लेकिन पूरी रकम चुकाए बिना ही जमीन की रजिस्ट्री करवाकर प्लॉट बेच दिए गए और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) से पट्टे भी जारी करवा लिए गए। इस मामले में करीब 11.11 करोड़ रुपये की बकाया राशि हड़पने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित की शिकायत पर सांगानेर सदर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
25.14 बीघा कृषि भूमि को लेकर हुआ था समझौता
पुलिस के अनुसार, सांगानेर के वाटिका निवासी चिरंजी लाल (62) ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है। उनका आरोप है कि सांगानेर के रामसिंहपुरा में उनके परिवार की 25.14 बीघा कृषि भूमि है। वर्ष 2023 में परिचित विजय सिंह ने उन्हें जय इंफ्राटेड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिमन्यु सिंह से मिलवाया था। इसके बाद जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और नवंबर 2023 में एमओयू किया गया। शिकायत के मुताबिक, जेडीए से अनुमोदित आवासीय योजना विकसित करने के लिए करीब 10 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करवाने की बात हुई थी। जमीन का सौदा 63 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से तय होने का आरोप है। साथ ही, विकसित योजना में हिस्सेदारी को लेकर 75:25 प्रतिशत के अनुपात में समझौता किया गया था।
ड्राइवर के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी करवाने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, जेडीए में योजना की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभिमन्यु सिंह ने अपने ड्राइवर भानू प्रताप सिंह के नाम जमीन की बिक्री और पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित दस्तावेज करवाए। इसके बाद योजना का प्लान जेडीए में पेश किया गया और 90-ए की प्रक्रिया भी पूरी करवाई गई। आरोप है कि मई 2024 में पीड़ित को जानकारी दिए बिना पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर ड्राइवर भानू प्रताप सिंह से अभिमन्यु सिंह के नाम जमीन की रजिस्ट्रियां करवा ली गईं। इसके बाद जमीन के सौदे में तय शर्तों के अनुसार पूरा भुगतान नहीं किया गया।
15.84 करोड़ रुपये देने थे, भुगतान हुआ सिर्फ 4.73 करोड़
शिकायत में बताया गया है कि जमीन के बदले कुल 15.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन आरोपियों की ओर से केवल 4.73 करोड़ रुपये ही दिए गए। इस तरह करीब 11.11 करोड़ रुपये की राशि बकाया रह गई। पीड़ित का आरोप है कि पूरी रकम चुकाए बिना और उनकी सहमति के बगैर जमीन पर विकसित प्लॉट बेच दिए गए। साथ ही, जेडीए से पट्टे भी जारी करवा लिए गए। जमीन के भुगतान के लिए दिए गए 14 चेक भी बैंक खाते बंद होने के कारण बाउंस हो गए।
पुलिस ने दर्ज की FIR, मामले की जांच शुरू
इस पूरे मामले को लेकर चिरंजी लाल ने सांगानेर सदर थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस जमीन के सौदे से जुड़े एमओयू, पावर ऑफ अटॉर्नी, रजिस्ट्री दस्तावेजों, भुगतान और जेडीए से जारी पट्टों की जांच करेगी।



