Friday, September 4, 2026
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Jaipur Janmashtami 2026: गोविंददेवजी में सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू, रात 12 बजे होगी 31 तोपों की गर्जना…हजारों भक्तों की उमड़ रही भीड़

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जयपुर कृष्ण भक्ति में डूबा हुआ है। गोविंददेवजी मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला झांकी से दर्शन शुरू हुए और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी होगी। मंदिर में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 1,100 स्वयंसेवक और 150 स्काउट तैनात किए गए हैं।

जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छोटी काशी जयपुर पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबी हुई है। शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और चारों तरफ ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज रहे हैं। जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में शुक्रवार तड़के 4 बजे मंगला झांकी के पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। रिमझिम बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु लड्डू गोपाल को साथ लेकर आए, वहीं कई माता-पिता अपने बच्चों को बाल कृष्ण के रूप में सजाकर मंदिर पहुंचे।

सुबह 4 बजे से शुरू हुए दर्शन

गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया गया। मंगला झांकी से पहले ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक हुआ। इसके बाद भगवान को नवीन पीत वस्त्र धारण करवाकर विशेष पुष्प श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को बधाई संदेशों और स्वास्तिक की पताकाओं से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि भीड़ के बीच भी भक्तों को दर्शन की सुविधा मिल सके।

जलेब चौक से प्रवेश, कई किलोमीटर पैदल चल रहे श्रद्धालु

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश के लिए जलेब चौक को निर्धारित किया गया है। यहां दर्शन पास वाले, बिना जूते-चप्पल आने वाले और जूते-चप्पल के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। दर्शन व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को प्रवेश से लेकर दर्शन और फिर निकासी तक कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से की जा रही है। प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि दर्शन के बाद प्रवेश वाले रास्ते की ओर वापस न लौटें और निर्धारित निकास मार्ग का ही इस्तेमाल करें।

रात 12 बजे 31 तोपों की गर्जना के साथ होगा कान्हा का जन्म

जन्माष्टमी का सबसे बड़ा आयोजन रात 12 बजे होगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इससे पहले रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा का आयोजन होगा। मध्यरात्रि में जन्म के बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के लिए मंदिर में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद की व्यवस्था की गई है। अभिषेक के बाद ठाकुरजी को पंजीरी, लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ का भोग लगाया जाएगा।

गोविंददेवजी मंदिर में पूजा का पूरा कार्यक्रम

  • मंगला: सुबह 4:00 से 6:30 बजे
  • धूप: सुबह 7:00 से 9:00 बजे
  • श्रृंगार: सुबह 9:30 से 11:15 बजे
  • राजभोग: सुबह 11:45 से दोपहर 1:15 बजे
  • ग्वाल: शाम 4:00 से 6:30 बजे
  • संध्या: शाम 6:45 से 8:30 बजे
  • शयन: रात 9:15 से 10:30 बजे
  • मंगला आरती (5 सितंबर): रात 11:00 से 11:15 बजे
  • तिथि पूजा एवं अभिषेक: रात 12:00 से 12:30 बजे

1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 1,100 स्वयंसेवक तैनात

भारी भीड़ को देखते हुए गोविंददेवजी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। मंदिर प्रशासन और विश्व हिंदू परिषद की ओर से करीब 1,100 स्वयंसेवक और 150 स्काउट सेवा में लगाए गए हैं। वहीं सुरक्षा के लिए 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर क्षेत्र को 12 सेक्टर में बांटा गया है और पुलिसकर्मी तीन पारियों में ड्यूटी कर रहे हैं। डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी, आरएसी की कंपनियों के साथ घुड़सवार पुलिस भी तैनात है। मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी और एआई कैमरों से निगरानी की जा रही है। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के जरिए भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह

लंबी दूरी तक पैदल चलने और भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ऐसे श्रद्धालु घर से ही गोविंदम ऐप या मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए लाइव दर्शन कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी भक्तों से पानी की बोतल साथ रखने, धक्का-मुक्की से बचने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद, मेट्रो का करें इस्तेमाल

जन्माष्टमी के चलते जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निजी वाहनों के बजाय अधिक से अधिक मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेट्रो का संचालन रात 1 बजे तक किया जाएगा। वहीं ट्रैफिक पुलिस की ओर से क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए पार्किंग, लाइव पार्किंग स्थिति, ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी ली जा सकती है।

बच्चों को कृष्ण स्वरूप में सजाकर पहुंच रहे भक्त

जन्माष्टमी के अवसर पर जयपुर में भक्ति के साथ उत्सव का रंग भी नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों को बाल कृष्ण के रूप में सजाकर मंदिर पहुंच रहे हैं। कई भक्त अपने घर में विराजमान लड्डू गोपाल को भी साथ लेकर दर्शन करने पहुंचे। बारिश और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ।

5 सितंबर को निकलेगी जन्माष्टमी शोभायात्रा

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को शाम 4 बजे गोविंददेवजी मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा जलेब चौक, सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए मंदिर श्री गोपीनाथ पहुंचेगी। शोभायात्रा को देखते हुए भी सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

जयपुर के दूसरे मंदिरों में भी विशेष आयोजन

गोविंददेवजी मंदिर के अलावा जयपुर के कई अन्य प्रमुख मंदिरों में भी जन्माष्टमी के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस्कॉन मंदिर मानसरोवर, हरे कृष्ण मंदिर अक्षयपात्र जगतपुरा, अक्षरधाम मंदिर वैशालीनगर, गोपीनाथजी मंदिर, पुरानी बस्ती, चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर, राधा गोपाल मंदिर, आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर और ब्रज निधि मंदिर में भी विशेष पूजा, झांकियां और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पूरा जयपुर कृष्णमय नजर आ रहा है और मध्यरात्रि में 31 तोपों की गर्जना के साथ होने वाला कान्हा का जन्मोत्सव आज के उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा।

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