जयपुर। जयपुर नगर निगम के उप महापौर चुनाव से पहले बीजेपी में अंदरूनी हलचल की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है। कुछ पार्षदों की नाराजगी और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाओं के बीच बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है।
पार्षदों में नाराजगी की चर्चा
बताया जा रहा है कि जयपुर में महापौर के सामने बड़ी संख्या में पार्षदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ बगरू पहुंचे। उन्होंने पार्टी के पार्षदों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। पार्टी के भीतर चल रही इस कवायद को उप महापौर चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है।
उप महापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा
बीजेपी के पास उप महापौर चुनाव में संख्या बल होने की बात कही जा रही है, लेकिन पार्टी की मुख्य चिंता पार्षदों की एकजुटता को लेकर है। महापौर चुनाव में बीजेपी के सुनील कोठारी को 89 वोट मिले थे। इसमें निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी शामिल था। अब उप महापौर चुनाव में पार्टी चाहती है कि उसके अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में सभी पार्षद मतदान करें। हालांकि, क्रॉस वोटिंग को लेकर अभी केवल चर्चाएं हैं। मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसका वास्तविक असर चुनाव परिणाम पर पड़ा या नहीं।
BJP के सामने बड़ा सवाल
उप महापौर पद के लिए बीजेपी ने सरोज कंवर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से सलमान मंसूरी मैदान में हैं। ऐसे में मुकाबले से पहले बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल अपने पार्षदों को एकजुट रखने का है। पार्टी नेतृत्व की ओर से पार्षदों से बातचीत और नाराजगी दूर करने की कोशिशें इसी दिशा में बताई जा रही हैं।
शाम को साफ होगी तस्वीर
उप महापौर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान और मतगणना होगी। इसके बाद तस्वीर साफ होगी कि बीजेपी के सभी पार्षद पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ खड़े रहे या मतदान में किसी तरह का अंतर देखने को मिला। फिलहाल जयपुर नगर निगम में उप महापौर की कुर्सी से ज्यादा चर्चा उस सियासी गणित की है, जो मतदान से पहले बीजेपी के अंदर चल रहा है।



